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हुक्मरान नहीं पाकिस्तानी तानाशाह गिड़गिड़ा कर IMF से मांग रहा हैं कर्ज

पाकिस्तान भी श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट में फंसता जा रहा हैं। पाकिस्तान सरकार इसको स्वीकार करने से डर रही हैं, ताकि देश में विरोध प्रदर्शन की बाढ़ ना आ पाए।
हुक्मरान नहीं पाकिस्तानी तानाशाह गिड़गिड़ा कर IMF से मांग रहा हैं कर्ज
पाकिस्तान भी श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट में फंसता जा रहा हैं। पाकिस्तान सरकार इसको स्वीकार करने से डर रही हैं, ताकि देश में विरोध प्रदर्शन की बाढ़ ना आ पाए। चीन सहित कई देशों के कर्ज का जाल में फंसा पाकिस्तान की आर्थिक हालात खस्ताहाल में पहुंच चुकी हैं। हुक्मरानों की कुछ चलती ना देख पाकिस्तान के तानाशाह जनरल कमर जावेद बाजवा कर्ज के लिए अमेरिका के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं। बाजवा ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 1.7 अरब डॉलर की अहम किश्त जल्द से जल्द जारी कराने के लिए अमेरिका से मदद मांगी है।
पाकिस्तानी तानाशाह बाजवा ने अमेरिका डिप्टी विदेश मंत्री वेंडी शरमन से इस मुद्दे पर जल्दी हल कराने का प्रयास किया हैं। ताकि पाकिस्तान की माली हालात में राहत मिल सकें। बताय़ा जा रहा हैं की IMF के अमेरिका के प्रभावी होने के कारण पाकिस्तान को एक किस्त जारी कर सकता हैं। 
दोनों के बीच क्या बात स्पष्ट नहीं हुई 
उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी शुक्रवार को पुष्टि की है कि बाजवा और शरमन ने बात की थी। मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ्तिखार ने कहा कि बातचीत हो चुकी है, लेकिन इस स्तर पर स्पष्ट जानकारी नहीं है कि इस दौरान क्या बात हुई। अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर शनिवार को एक समाचार एजेंसी से कहा कि चर्चा आईएमएफ कर्ज पर केंद्रित थी। आतंकवाद को वित्तपोषित करने के चलते पाकिस्तान कर्ज के जाल में फंस गया हैं।  
चीन ने भी पाकिस्तान को किसी भी प्रकार की सहायता देने से लगभग मना कर दिया हैं।  लेकिन IMF  से रूपये मिलने के बाद पाकिस्तान राहत ले सकता हैं।  तत्तकालीन पीएम इमरान के शासन के दौरान IMF  ने विभिन्न शर्तों के  चलते भी संस्थान ने चिंता व्यक्त की थी।  IMF  ने पाकिस्तान की 1.7 अरब डॉलर की किश्त पर इस साल की शुरुआत से रोक लगी रखा हैं।  इसी के चलते तानाशाह बाजवा अमेरिका के प्रभाव में लेकर पाकिस्तान को आर्थिक रूप से उबारने का प्रयास कर रहाहैं ।    

 
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