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राजस्थान में जारी सियासी उठापटक पर भाजपा ने कहा- विधायकों की गिनती के लिए सड़क या होटल नहीं, विधानसभा उपयुक्त स्थान

राजस्थान में जारी सियासी उठापटक पर भाजपा ने कहा- विधायकों की गिनती के लिए सड़क या होटल नहीं, विधानसभा उपयुक्त स्थान
राजस्थान में सियासी उठापटक जारी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच मदभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। एक तरफ जहां गहलोत अपने साथ 103 विधायकों के होने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सचिन पायलट अपने साथ करीब 30 विधायकों के साथ होने का दावा कर रहे हैं। पायलट का कहना है कि गहलोत सरकार अल्पमत में है और उनके पास केवल 84 विधायक ही हैं। 

इस बीच, भाजपा के उपाध्यक्ष एवं राजस्थान के प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने प्रदेश में चल रही सियासी उठापटक को कांग्रेस का ‘‘अंदरूनी मसला’’ बताने के साथ साथ सोमवार को यह भी कहा कि विधायकों की गिनती के लिए सड़क, रिजॉर्ट या होटल नहीं बल्कि विधानसभा उपयुक्त स्थान है।

राजस्थान के घटनाक्रम पर खन्ना ने कहा कि कांग्रेस का ही एक गुट दावा कर रहा है कि सरकार अल्पमत में है जबकि दूसरा गुट बहुमत होने का दावा कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इनका ही एक गुट कह रहा है कि सरकार के पास बहुमत नहीं है। हमने तो कुछ नहीं कहा। ये इनकी पार्टी का (अंदरूनी)मसला है। वे इसे सुलझाएं।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘सचिन पायलट भाजपा के थोड़े ही हैं। वह कांग्रेस के हैं। कांग्रेस ही कह रही है। 

कांग्रेस का एक उपमुख्यमंत्री कह रहा है कि गहलोत के पास बहुमत नहीं है। दोनों पक्षों का अपना-अपना दावा है।’’ भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा कि जब भी ऐसी परिस्थिति आती है तो ‘‘उस समय गिनती सड़कों पर तो होती नहीं, ना ही रेजॉर्ट या होटल में होती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बहुमत साबित करने का जो स्थान है, वह विधानसभा है। जिसके लिए विधायक चुन कर आते हैं।’’

भाजपा के ही एक अन्य उपाध्यक्ष और राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले ओम माथुर ने भी मौजूदा घटनाक्रम को कांग्रेस की ‘‘अंदरूनी लड़ाई’’ बताया और कांग्रेस की राज्य सरकार के पास बहुमत होने के उसके दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘ये उनकी अंदरूनी लड़ाई है। कलह है । ये कोई नई बात नहीं हैं। जिस दिन से सरकार बनी है उसी दिन से चल रही है। उस समय चिंगारी के समय किसी ने ध्यान नहीं दिया। वो लावा बनकर अब बाहर निकल रहा है। 

इनके घर की लड़ाई है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘अभी कौन सा फ्लोर टेस्ट हो रहा है जो कांग्रेसी संख्या बल दिखा रहे हैं। किसको दिखा रहे हैं?’’ उन्होंने भी इस बात पर बल दिया, ‘‘वास्तविक संख्या बल तो सदन में गिना जाएगा।’’ पार्टी के भावी कदम के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा पहले ‘‘इनकी फूट’’ देखेगी, फिर देखेगी क्या होता है?’’

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई थी। पायलट इस बैठक में नहीं पहुंचे। इस बैठक में कितने विधायक उपस्थित हुए इस बारे में कांग्रेस की ओर से हालांकि कुछ नहीं कहा गया किंतु आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया। हालांकि कुछ पार्टी नेताओं का कहना है कि 109 विधायक वहां मौजूद थे।

गहलोत के खिलाफ बागी तेवर अपनाये पायलट रविवार शाम यह दावा कर चुके हैं कि उनके साथ 30 से अधिक विधायक हैं और गहलोत सरकार अल्पमत में है। विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस के विधायकों का बसों द्वारा फेयरमोंट होटल में ले जाया गया। इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि राजस्थान का सियासी घमासान अभी थमा नहीं है।

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