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यह किसान परिवार कोरोना काल में पिछले 150 दिनों से असहाय लोगों को खिला रहा है खाना

किसी भी इंसान के लिए खुशी और संतुष्टी जीवन में बहुत अहम होती है। अगर यह नहीं हो तो हम सबकी जिंदगी बहुत ही अस्त-व्यस्त सी होगी।
यह किसान परिवार कोरोना काल में पिछले 150 दिनों से असहाय लोगों को खिला रहा है खाना
किसी भी इंसान के लिए खुशी और संतुष्टी जीवन में बहुत अहम होती है। अगर यह नहीं हो तो हम सबकी जिंदगी बहुत ही अस्त-व्यस्त सी होगी। हालांकि सुकून,हंसी और शांति के लिए इंसान बहुत कुछ करता है। लेकिन ऐसे भी कुछ लोग होते हैं जिन्हें दूसरों की मदद करना बहुत अच्छा लगता है। वह बिना किसी की मदद करे रह नहीं सकते हैं। 


इतना ही नहीं ऐसे भी लोग होते हैं जिनकी खुद की जेब में इतने पैसे नहीं होते लेकिन दूसरों की मदद के लिए हमेशा आगे होते हैं। आंध्र  प्रदेश के श्रीकाकुलम में एक ऐसा ही परिवार रहता है जो गरीब और जरूरतमंद लोगों को पिछले 150 दिनों से खाना खिला रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि खेती-बाड़ी पर यह परिवार निर्भर है। मतलब यह परिवार एक आम परिवार है। 

पानी लाती है 1 किमी दूर से

कोरोना महामारी की वजह से लॉकडाउन जब से लगा है तब से जरूरतमंद लोगों और असहाय लोगों को अपने Vavilavalasa गांव में सुधा रानी और उनका परिवार खाना खिला रहा है। हर दिन वह खाना बनाती हैं, बर्तन धोती है। इतना ही नहीं पानी भी वह एक किलोमीटर दूर कुंए से जाकर लाती हैं। 

पूरा साथ दिया परिवार ने

बता दें कि एक किसान रानी के पति Paluru Siddardha हैं। वह सोशल सर्विस भी करते हैं और कई सालों से ऐसा कर रहे हैं। अपने पति से प्रेरणा लेकर बेसहारा और गरीबों का रानी भी भरती है। उन्होंने उन लोगों की मदद करने का फैसला उठाया है जिनपर कोविड 19 की मार पड़ी है। 150 दिनों तक जरूरतमंद लोगों और असहाय लोगों को पति, बहनाई और ससुर की मदद से रानी ने खाना खिला रही हैं। 


प्ररेणा मिली दूसरों को भी 

सुधा के इस नेक काम से कई लोगों को प्ररेणा मिली और वह उनकी मदद के लिए साथ आए। हालांकि उनके घर में पानी की सुविधा नहीं है तो एक किलोमीटर दूर कुएं से जाकर रानी पानी भरकर लाती है। उन्हें जिला प्रशासन से उम्मीद है कि वहां पर पानी की सुविधा जल्द ही उपलब्‍ध वह करवाएंगे। तीन एकड़ जमीन गांव में परिवार के पास है और 15 एकड़ पर वह खेेती करते हैं। 
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