Bengaluru Daycare Horror: मासूमों के साथ क्रूरता की सारी हदें पार! CCTV फुटेज ने खोला पूरा सच
बेंगलुरु से बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। शहर में स्थित एक निजी डेकेयर सेंटर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। यह डेकेयर एक बड़ी फेमस कंपनी केपजेमिनी (Capgemini) के HAL कैंपस के अंदर संचालित होता है, जहां कर्मचारी अपने छोटे बच्चों को काम के दौरान छोड़ते हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, डेकेयर सेंटर के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में कुछ ऐसे सीन दिखाई दिए, जिन्होंने सभी को हैरान कर दिया। वीडियो में छोटे-छोटे बच्चे रोते नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ महिला केयरगिवर्स उनके साथ सख्ती और मारपीट करती (Daycare Centre Abuse) दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई अभिभावकों में भी डर और नाराजगी देखने को मिली।
बच्चों के साथ गलत व्यवहार के गंभीर आरोप

शिकायत में दावा किया गया है कि डेकेयर सेंटर में बच्चों के साथ बेहद खराब व्यवहार किया गया। आरोप है कि दो से तीन साल की उम्र के बच्चों को डराया-धमकाया गया और उन्हें सजा देने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए गए।
शिकायत के अनुसार, कुछ बच्चों को वॉशिंग मशीन के अंदर बैठाया गया। इतना ही नहीं, कुछ बच्चों को जबरन टॉयलेट पर बैठाने, टॉयलेट के जेट स्प्रे से उनके मुंह पर पानी डालने और बाथरूम में बंद करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। यह भी कहा गया है कि बच्चों को रोने या किसी से शिकायत करने पर डराया जाता था।
वीडियो वायरल होने के बाद हुई पुलिस कार्रवाई

यह मामला तब सामने आया जब डेकेयर सेंटर का वीडियो WhatsApp पर तेजी से फैलने लगा। वीडियो देखने के बाद किसी व्यक्ति ने इसकी जानकारी चाइल्ड हेल्पलाइन को दी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तुरंत केस दर्ज किया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है और उसमें दिखाई देने वाली हर घटना की पुष्टि की जाएगी।
5 महिला केयरगिवर्स पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस ने इस मामले में पांच महिला केयरगिवर्स के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर डेकेयर सेंटरों में बच्चों की देखभाल और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कामकाजी माता-पिता अपने बच्चों को भरोसे के साथ ऐसे सेंटरों में छोड़ते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि आखिर बच्चों के साथ क्या हुआ और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
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