Prasanth Murder Case: पत्नी, प्रेमी और दोस्त की खूनी साजिश! टॉयलेट क्लीनर का इंजेक्शन देकर ऐसे रची प्रशांत की मौत की साजिश
तेलंगाना के निजामाबाद जिले से एक ऐसा हत्याकांड सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। इस मामले में एक पत्नी पर अपने प्रेमी और उसके दोस्त के साथ मिलकर पति की हत्या कराने का आरोप लगा है। पुलिस जांच में सामने आई कहानी किसी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी लगती है। आरोप है कि पहले पति को शराब पिलाकर छत से नीचे गिराया गया और जब वह बच गया तो इलाज के दौरान उसकी नस में जहरीला पदार्थ डालकर उसकी जान ले ली गई। दरअसल 1 जुलाई 2026 को न्यालकल गांव की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला पुलिस थाने पहुंचीं। उन्होंने शिकायत में बताया कि उनका 35 वर्षीय बेटा प्रशांत खाड़ी देश में नौकरी करता था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें अचानक 30 जून को बेटे की मौत की खबर मिली। सबसे बड़ी बात यह थी कि उन्हें यह भी नहीं पता था कि प्रशांत विदेश से वापस घर आ चुका था। महिला ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा अपनी पत्नी संध्या के साथ अलग रहता था। उन्हें अपनी बहू पर पहले से ही शक था। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और बेटे की मौत का सच सामने लाने की मांग की।
पत्नी के प्रेम संबंध का हुआ खुलासा

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सबसे पहले प्रशांत के मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई। इसके अलावा पुलिस ने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की और प्रशांत के घर के आसपास की जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि प्रशांत कुछ समय पहले ही खाड़ी देश से वापस लौटा था। उसकी पत्नी संध्या के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। संध्या एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम करती थी। पुलिस को मिले शुरुआती सबूत भी उसी की तरफ इशारा कर रहे थे।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को एक और बड़ा सुराग मिला। पता चला कि 32 वर्षीय संध्या का 35 वर्षीय अनिल नाम के व्यक्ति के साथ प्रेम संबंध था। दोनों काफी समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे। पुलिस को शक हुआ कि यही रिश्ता इस हत्या की सबसे बड़ी वजह हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने संध्या, उसके प्रेमी अनिल और अनिल के दोस्त वेंकटा साई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। धीरे-धीरे पूरी साजिश सामने आने लगी।
पति को रास्ते से हटाने की बनाई योजना

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि संध्या और अनिल अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे। लेकिन उनके रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट प्रशांत था। इसी कारण दोनों ने उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का फैसला किया। योजना को सफल बनाने के लिए अनिल ने अपने दोस्त वेंकटा साई को भी इस साजिश में शामिल कर लिया। तीनों ने मिलकर हत्या की पूरी योजना पहले से तैयार कर ली थी। पुलिस के अनुसार, 29 जून 2026 को वेंकटा साई किसी बहाने से प्रशांत के घर पहुंचा। दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई और फिर साथ बैठकर शराब पीने लगे। वेंकटा साई ने जानबूझकर प्रशांत को ज्यादा शराब पिलाई ताकि वह पूरी तरह नशे में हो जाए।
जब प्रशांत पर नशे का असर बढ़ गया तो उसे घर की छत पर ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि उस समय संध्या फोन पर वेंकटा साई से लगातार संपर्क में थी और उसे आगे क्या करना है, इसके निर्देश दे रही थी। इसी दौरान वेंकटा साई ने कथित तौर पर प्रशांत को छत से नीचे धक्का दे दिया। ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन उसकी मौत नहीं हुई।
इलाज के दौरान किया गया खौफनाक हमला

Toilet Cleaner Injection Murder (credit social media )
प्रशांत के घायल होने के बाद संध्या और वेंकटा साई उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे एक निजी अस्पताल भेज दिया। कुछ समय तक इलाज कराने के बाद संध्या अपने पति को अस्पताल से वापस घर ले आई। पुलिस का दावा है कि इसी समय आरोपियों ने हत्या की दूसरी योजना पर काम शुरू किया।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में प्रशांत के हाथ में इलाज के लिए कैनुला (आईवी) लगाया गया था। इसी का फायदा उठाकर संध्या ने कथित तौर पर टॉयलेट क्लीनर और बेहोशी की दवा को उसकी नस में इंजेक्ट कर दिया। इसके बाद घायल प्रशांत को बिस्तर से नीचे गिरा दिया गया। पुलिस का कहना है कि इन घटनाओं के बाद उसकी मौत हो गई। जांच अधिकारियों के अनुसार, हत्या का यह तरीका बेहद अलग और चौंकाने वाला था, जिसने जांच टीम को भी हैरान कर दिया।
तीनों आरोपी भेजे गए जेल

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल की जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ीं। जांच में मिले सबूतों के बाद तीनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान संध्या, अनिल और वेंकटा साई ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को अदालत में पेश किया।
अदालत में पेशी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब पुलिस मामले से जुड़े सभी वैज्ञानिक और फोरेंसिक सबूत जुटाने में लगी है ताकि अदालत में मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी। लेकिन मृतक की मां के शक और पुलिस की गहन जांच ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया।
पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
निजामाबाद का यह हत्याकांड पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिस तरह पहले छत से धक्का देकर हत्या की कोशिश की गई और फिर घायल व्यक्ति की जान लेने के लिए कथित तौर पर इलाज के दौरान जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल किया गया, उसने लोगों को हैरान कर दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
अदालत में मुकदमे की सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि आरोपियों को क्या सजा मिलेगी। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि अवैध रिश्तों और आपसी लालच का अंत कई बार बेहद दर्दनाक और खौफनाक हो सकता है।
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