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वंदे मातरम' के अनिवार्य पाठ का AIMIM नेता वारिस पठान ने किया विरोध, बोले- "हम अल्लाह के सिवा किसी की पूजा नहीं कर सकते"

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान ने 'वंदे मातरम' के पाठ को अनिवार्य बनाने के किसी भी कदम का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मुसलमान राष्ट्रगान का सम्मान करते हैं, लेकिन इसके कुछ बोल उनकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ हैं
02:42 PM Jul 28, 2026 IST | Bhawana Rawat
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान ने 'वंदे मातरम' के पाठ को अनिवार्य बनाने के किसी भी कदम का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि मुसलमान राष्ट्रगान का सम्मान करते हैं, लेकिन इसके कुछ बोल उनकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ हैं
वंदे मातरम  के अनिवार्य पाठ का aimim नेता वारिस पठान ने किया विरोध  बोले   हम अल्लाह के सिवा किसी की पूजा नहीं कर सकते
Waris Pathan on Vande Mataram

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान ने मंगलवार को 'वंदे मातरम' के पाठ को अनिवार्य बनाने के कदम का विरोध किया। इसको लेकर उन्होंने कहा कि मुसलमान राष्ट्रगान का सम्मान करते हैं, लेकिन इसकी कुछ पंक्तियों का पाठ इस्लाम धर्म के अनुयायी नहीं कर सकते। उनका कहना है कि ऐसा इसलिए क्योंकि ये उनकी धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ होगा।

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कुछ पंक्तियों का पाठ मुसलमान नहीं कर सकते- वारिस पठान

AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में कहा कि AIMIM 'वंदे मातरम' का सम्मान करती है, लेकिन गीत में कुछ ऐसी पंक्तियां हैं जिनका पाठ मुसलमान नहीं कर सकते।

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पठान ने कहा, "मैंने हमेशा कहा है कि हम वंदे मातरम का सम्मान करते हैं। हम उसका आदर करते हैं लेकिन वंदे मातरम में कुछ ऐसी पंक्तियां हैं जिनका पाठ करना किसी मुसलमान के लिए वर्जित है। यदि उन पंक्तियों का उच्चारण किया जाए, तो इस्लामी मान्यता के अनुसार यह शिर्क हो जाता है। हम अल्लाह के सिवा किसी की पूजा नहीं करते, न ही कभी करेंगे। हम ऐसा करने के बजाय मरना पसंद करेंगे। यह अनुच्छेद 25 के तहत हमारा संवैधानिक अधिकार है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा है।"

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भाजपा और आरएसएस पर लगाया आरोप

वारिस पठान ने जोर देकर कहा कि देश का सम्मान करना अनिवार्य गायन के बराबर नहीं है और उन्होंने भाजपा और RSS पर इस मुद्दे पर लोगों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया।

पठान ने कहा, "मैं अपने देश का सम्मान करता हूं, लेकिन अगर मैं वंदे मातरम का पाठ नहीं करूंगा, तो आप क्या करेंगे? मुझे फांसी देंगे? गोली मार देंगे? भाजपा और आरएसएस के पास लोगों को धमकाने के अलावा और कोई काम नहीं है।"

"कुछ पंक्तियों को न गाने पर मुसलमानों को 'देशद्रोही' करार दिया जाता है"

उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत की कुछ पंक्तियों को गाने से इनकार करने पर अक्सर मुसलमानों को 'देशद्रोही' करार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मुसलमान धर्म उन्हें ये बातें पढ़ने की इजाज़त नहीं देता। आगे उन्होंने याद दिलाया कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मुस्लिम समुदाय ने भी कुर्बानी दी है। उन्होंने भाजपा और RSS की आलोचना करते हुए कहा कि कितने नेता बिना टेलीप्रॉम्प्टर के वंदे मातरम गा सकते हैं।

'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन)

वारिस पठान का ये बयान 24 जुलाई को राज्यसभा में पेश किए गए 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' के बाद आया है। जानकारी के लिए बता दें कि इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को वही कानूनी और वैधानिक दर्जा देना था, जितना वर्तमान में राष्ट्रगान 'जन गण मन' को मिलता है।

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Bhawana Rawat

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भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।

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