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मोहन भागवत की टिप्पणी पर ओवैसी का बयान, बीजेपी बोली-मुस्लिम समुदाय की खुशियां सहन नहीं

प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता के कृष्ण सागर राव ने एक बयान में कहा, "श्री ओवैसी के ट्वीट से स्पष्ट है कि वह भारत में मुस्लिम समुदाय की संतुष्टि और खुशियां सहन नहीं कर सकते।"
मोहन भागवत की टिप्पणी पर ओवैसी का बयान, बीजेपी बोली-मुस्लिम समुदाय की खुशियां सहन नहीं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि दुनिया में ऐसा कोई भी देश नहीं है, जो अपने सभी अल्पसंख्यकों से भारत से बेहतर बर्ताव करता हो। उनके इस बयान पर हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भागवत नाम का एक आदमी लगातार हमें बता सकता है कि हमें बहुमत के प्रति कितना आभारी होना चाहिए? 
ओवैसी के इस ट्वीट पर बीजेपी की तेलंगाना इकाई ने रविवार को अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता के कृष्ण सागर राव ने एक बयान में कहा, ‘‘श्री ओवैसी के ट्वीट से स्पष्ट है कि वह भारत में मुस्लिम समुदाय की संतुष्टि और खुशियां सहन नहीं कर सकते। भारतीय मुसलमानों की भलाई और सशक्तीकरण उनकी पार्टी एमआईएम के लिए राजनीतिक फायदा नहीं देती है।’’ 
राव ने कहा कि एमआईएम का मुख्य एजेंडा भारत में मुसलमानों को भ्रमित करना है ताकि उन्हें महसूस हो सके कि वे हिंदू बहुलता के कारण हाशिए पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम, कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियां दशकों से अपने दलगत चुनावी लाभ के लिए इस तरह के विभाजनकारी प्रचार को अपना मुद्दा बनाती है। 
उन्होंने कहा कि ‘‘सब का साथ, सबका विकास’’ प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी का एजेंडा है और इसे सभी राष्ट्रीय योजनाओं के माध्यम से लागू किया जा रहा है तथा देश के मुस्लिम भी इससे लाभान्वित हो रहे हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि भारतीय मुसलमान दुनिया में सबसे ज्यादा संतुष्ट हैं। 
उन्होंने यह भी कहा कि जब भारतीयता की बात आती है तो सभी धर्मों के लोग एक साथ खड़े होते हैं। भागवत ने कहा कि किसी तरह की कट्टरता और अलगाववाद केवल वे ही लोग फैलाते हैं जिनके खुद के हित प्रभावित होते हैं। भागवत के इस बयान पर ओवैसी ने ट्वीट करते हुए कहा- "हमारी खुशी का क्या पैमाना है? भागवत नाम का एक आदमी लगातार हमें बता सकता है कि हमें बहुमत के प्रति कितना आभारी होना चाहिए? हमारी खुशी का मापक यह है कि क्या संविधान के तहत हमारी गरिमा का सम्मान किया जाता है।"

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