दिल्ली के पांडव नगर में Delivery Boy की 3 नाबालिगों ने की चाकुओं से गोद कर हत्या, जानिए क्यों बढ़ रही Minors में Crime Tendency
Pandav Nagar Delivery Boy Murder: राजधानी दिल्ली में नाबालिक अपराधियों का कहर जारी है, एक बार फिर से नाबालिगों ने एक युवक की जान ले ली. मामला पांडव नगर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां तीन नाबालिग आरोपियों ने एक डिलीवरी बॉय की चाकू से गोदकर हत्या कर दी. जानकारी के मुताबिक, घटना दिल्ली के पांडव नगर थाना क्षेत्र के आचार्य निकेतन इलाके में हुई. जहां डिलीवरी बॉय अरुण राज के शरीर पर आरोपियों ने कई बार चाकू से कई वार किए.
East Delhi stabbing : क्या है मामला

दरअसल, यह घटना 2 फरवरी की शाम करीब 8 बजे की है। लगभग शाम करीब 8.15 बजे पुलिस को एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई. जिसमें कहा गया कि एक युवक को चाकू मार दिया गया है. कॉल मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई. उसके बाद पुलिस ने घायल को तुरंत लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. डाक्टरों की जांच में पता चला कि मृतक के गले और सीने में कई बार चाकू से हमला किया गया. मृतक की पहचान पटपड़गंज निवासी 22 वर्षीय अरुण राज पुत्र राज शेखर के रूप में की गई है.
delivery executive killed : कहा सुनी के बाद बढ़ा मामला

पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि तीनों नाबालिग आरोपी बाइक से घटनास्थल पहुंचे थे. वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, अरुण और तीनों नाबालिगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. बात इतनी बढ़ गई कि नाबालिगों ने डिलीवरी बॉय अरुण राज पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों फरार हो गए. आरोपियों की पहचान CCTV से हुई। वारदात के बाद क्राइम टीम ने मौके पर पहुंची और आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. उसके बाद पुलिस ने ऑपरेशन चलाकर तीनों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया.
Acharya Niketan Murder : क्यों बढ़ रहे नाबालिग अपराध दर

गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराध अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। 2025 के अंतिम महीने यानी दिसंबर के शुरुआती दस दिनों में ही पुलिस ने ऐसे कई मामलों में कार्रवाई की, जिनमें आरोपी बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम थे। राजधानी के अलग-अलग इलाकों—रोहिणी, शकरपुर, वजीराबाद और निजामुद्दीन—में हुए अपराधों ने पुलिस और शहर दोनों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। एड जर्नल की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली में 35 फीसदी की दर से बाल अपराध में वृद्धि हुई है।
रिसर्च से पता चलता है कि नाबालिगों के अपराध के लिए कोई विशेष कारण जिम्मेदार नहीं है- इसके लिए कई कारण जिम्मेदार हैं। उचित पारिवारिक नियंत्रण का अभाव, परिवार में संघर्ष, आवासीय क्षेत्र की स्थिति, फिल्मों का प्रभाव आदि नाबालिग अपराध के लिए समान रूप से जिम्मेदार हैं।
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