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पीयूष गोयल की राज्य सरकारों से अपील, अधिक संख्या में 'श्रमिक स्पेशल ट्रेनों' के संचालन की दें अनुमति

पीयूष गोयल की राज्य सरकारों से अपील, अधिक संख्या में 'श्रमिक स्पेशल ट्रेनों' के संचालन की दें अनुमति
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड-19) का कहर भारत में तेजी से फैल रहा है। वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए केंद्र सरकार के तरफ 24 मार्च से चार चरणों में 31 मई तक देशव्यापी लॉकडाउन लागू है। लॉकडाउन  में फंसे प्रवासियों को घर पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार के तरफ से लगातार श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। इस बीच केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को राज्य सरकारों से अपील कर कहा है कि वह रेलवे को और अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अनुमति प्रदान करें।
गोयल ने यह भी बताया कि लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी कामगारों के परिवहन के लिए अब तक तीन हजार से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया है। गोयल ने ट्वीट कर कहा कि "मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि रेलवे ने 3,000 से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का सफल परिचालन कर देश के विभिन्न हिस्सों से प्रवासी श्रमिकों को अपने गृह राज्य पहुंचाया।"

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उन्होंने आगे कहा, "मैं सभी राज्यों से एक बार फिर अपील करता हूं कि रेलवे का सहयोग करें व अपने श्रमिक भाइयों की मदद करें।" गौरतलब है कि देश भर में फंसे हुए प्रवासी कामगारों, छात्रों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के परिवहन के लिए रेलवे द्वारा श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। रेलवे की पहल के बीच अब उनकी यह टिप्पणी आई है। अब तक तीन हजार से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से रेलवे ने 40 लाख से अधिक फंसे हुए लोगों को निकाला है।
कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर जारी किए गए लॉकडाउन के बाद रेलवे ने भी अपनी सेवाओं को बंद कर दिया था। वर्तमान में रेलवे की यात्री, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन सेवाएं निलंबित हैं।
हालांकि, रेलवे धीरे-धीरे ट्रेन सेवाओं को शुरू कर रहा है और 1 जून से समय सारणी के अनुसार, वह 200 विशेष ट्रेनों को संचालित करने की योजना बना रहा है। इसके लिए देश भर में आईआरसीटीसी और यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) के माध्यम से बुकिंग शुरू हो चुकी है।

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