PM Modi Japan Updates: भारत की प्रतिभा और जापान की तकनीक लाएगी क्रांति, दुनिया की नजर भारत पर टिकी
PM Modi Japan Updates:भारत-अमेरिका तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज दो दिवसीय यात्रा पर जापान के लिए रवाना हो गए है। इस दौरान PM मोदी ने आर्थिक मंच की बैठक में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि मेरी यात्रा की शुरुआत बिजनेस जगत के दिग्गजों के साथ हो रही है। भारत की विकास यात्रा में जापान हमेशा एक प्रमुख भागीदार रहा है। मेट्रो रेल से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप तक, हर क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी विश्वास का प्रतीक बनी है।

Investment in India-Japan
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि जापानी कंपनियों ने भारत में 40 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। मात्र पिछले दो वर्षों में 13 अरब डॉलर का निजी निवेश हुआ है। आज, देश में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता है। भारत के कैपिटल मार्केट में अच्छे रिटर्न मिल रहे हैं। एक मजबूत बैंकिंग सेक्टर की भी मौजूदगी है। भारत वैश्विक विकास में 18 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। इस दौरान विकास की इस कहानी का श्रेय भारत के 'सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन' दृष्टिकोण को दिया, जिसमें GST और आयकर सुधार शामिल हैं।
I had a wonderful meeting with Speaker Fukushiro Nukaga and group of Members of Parliament from Japan. We discussed the strong and friendly relations between India and Japan, with a special focus on parliamentary exchanges, human resource development, cultural exchanges and… pic.twitter.com/mwCbLnyTr6
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2025
PM Modi Japan Updates
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर ध्यान केंद्रित किया है। उद्योगों के लिए हमने सिंगल डिजिटल विंडो अप्रूवल की व्यवस्था शुरू की है। हमने 45,000 अनुपालनों को रेशनलाइज किया है। हमने रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया है और अब परमाणु क्षेत्र को भी खोला जा रहा है, जो सहयोग के अधिक अवसरों का संकेत है। विकसित भारत बनाने का संकल्प है।

India Talent Powerhouse
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जापान एक टेक पावरहाउस है और भारत एक टैलेंट पावरहाउस है। भारत के कुशल युवा प्रतिभा में वैश्विक मांग को पूरा करने की क्षमता है और जापान को इससे फायदा हो सकता है। भारतीय प्रतिभाओं को जापानी भाषा और अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षित करने की जरूरत है जिससे यह कुशल कार्यबल वैश्विक आवश्यकताओं को पूरा करेगा।