+

धनखड़ से मिले पीएम मोदी , उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद पहली मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम को नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात कर उन्हें जीत की बधाई दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी यहां केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर धनखड़ से मुलाकात की।
धनखड़ से मिले पीएम मोदी , उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद पहली मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम को नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात कर उन्हें जीत की बधाई दी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी यहां केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर धनखड़ से मुलाकात की। धनखड़ को उपराष्ट्रपति चुनाव में विजेता घोषित किए जाने के तुरंत बाद ये मुलाकातें हुईं। धनखड़ को 528 वोट मिले जबकि विपक्षी दलों की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने 182 वोट हासिल किए। इस चुनाव में कुल 725 सांसदों ने मतदान किया था, जिनमें से 710 वोट वैध पाए गए, 15 मतपत्रों को अवैध पाया गया।
वेकैंया नायडू का स्थान लेंगे जगदीप धनखड़
हम पर शिक्षा के भगवाकरण का आरोप लगता है, इसमें गलत क्या है', जानें  उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू ने ऐसा क्यों कहा? - why vice president venkaiah  naidu said we are ...
अब 71 वर्षीय धनखड़ एम वेंकैया नायडू के स्थान पर देश के नए उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति होंगे। वह भारत के 14वें उपराष्ट्रपति होंगे। नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को पूरा हो रहा है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अल्वा ने धनखड़ को बधाई दी और साथ ही उन विपक्षी नेताओं और सांसदों का आभार प्रकट किया जिन्होंने विपक्ष की साझा उम्मीदवार के तौर पर उनका समर्थन किया था।
नतीजे घोषित होने के मार्गेट अल्वा ने किया ट्वीट अल्वा ने ट्वीट किया, ‘‘श्री धनखड़ के उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई। मैं विपक्ष के उन सभी नेताओं और सांसदों का आभार जताती हूं जिन्होंने इस चुनाव में मुझे वोट किया। मैं उन सभी स्वयंसेवियों को भी धन्यवाद कहती हूं जिन्होने इस छोटे, लेकिन गहन चुनाव प्रचार के दौरान अपनी नि:स्वार्थ सेवा दी।’’
93 प्रतिशत उम्मीदवारों ने मताधिकार का किया प्रयोग
उपराष्ट्रपति चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत करीब 93 प्रतिशत सांसदों ने मतदान किया, जबकि 50 से अधिक सांसदों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया। मतदान करने के पात्र 780 सांसदों में से 725 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। 
तृणमूल कांग्रेस ने मतदान से किया किनारा 
मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ था और शाम पांच बजें संपन्न हुआ। संसद के दोनों सदनों को मिलाकर कुल सदस्यों की संख्या 788 होती है, जिनमें से उच्च सदन की आठ सीट फिलहाल रिक्त है। ऐसे में उपराष्ट्रपति चुनाव में 780 सांसद वोट डालने के लिए पात्र थे। तृणमूल कांग्रेस अपनी पहले की घोषणा के मुताबिक इस चुनाव से दूर रही। दोनों सदनों में उसके कुल 36 सांसद हैं। 

facebook twitter instagram