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पीएम मोदी का चीन दौरा, भारतीय समुदाय और चीनी कारोबारियों को बड़ी उम्मीदें

02:17 AM Aug 30, 2025 IST | Rahul Kumar Rawat

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे को लेकर बीजिंग में उत्साह का माहौल है। पीएम मोदी करीब सात साल बाद चीन पहुंचने वाले हैं और इस ऐतिहासिक दौरे को लेकर न केवल भारतीय समुदाय, बल्कि स्थानीय चीनी नागरिकों और कारोबारियों में भी बड़ी उम्मीदें हैं। इस दौरे को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक हालात लगातार जटिल होते जा रहे हैं। पूर्व चीनी राजनयिक हीन ने मीडिया से कहा, हम एक स्थानीय चीनी नागरिक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे की लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे। लगभग सात वर्षों के बाद उनका यह दौरा चीन और भारत के संबंधों को एक नई दिशा दे सकता है। आज के जटिल अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में यह यात्रा एशिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए आशा की किरण है।

भारत-चीन रिश्तों को नई दिशा

उन्होंने आगे कहा, भारत और चीन हजारों सालों से पड़ोसी रहे हैं और एक-दूसरे की कई बार मदद की है, खासकर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान। भारत ने चीन को कई मूल्यवान सबक भी दिए हैं। चीनी लोगों ने भारत से, खासकर बौद्ध धर्म के माध्यम से, सीखा है। भारत ने संगीत, नृत्य, संस्कृति, मूर्तिकला और साहित्य के क्षेत्र में चीन को प्रभावित किया है। बीजिंग में एक भारतीय रेस्तरां के मालिक अजीत खान ने इस यात्रा को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, भारत और चीन दोनों ही प्राचीन सभ्यताएं हैं और पड़ोसी भी। भारत के एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) का हिस्सा बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का इस शिखर सम्मेलन में शामिल होना एक सशक्त संदेश है कि दोनों देश मिलकर भविष्य की ओर बढ़ना चाहते हैं।

भारत-चीन व्यापार संबंधों पर जोर

उन्होंने आगे कहा, यह दोनों देशों के लिए यह देखने का अच्छा अवसर है कि वे एक-दूसरे के साथ कैसे तालमेल बिठा सकते हैं और दोनों अर्थव्यवस्थाओं पर टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए एक रूपरेखा कैसे विकसित कर सकते हैं। इंडियन फार्मा कंपनी में कार्यरत अमित ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, एससीओ जैसे मंच एशियाई देशों को एकजुट करने का अच्छा प्रयास हैं। रूस, भारत और चीन जैसे देशों के बीच सहयोग से वैश्विक व्यापार तनाव के बीच संतुलन बन सकता है। इस यात्रा से भारत-चीन व्यापार संबंधों को और मजबूती मिलेगी। चीन के कारोबारी वेलिन ने कहा कि भारत और चीन एशिया के दो बड़े आर्थिक दिग्गज हैं। मैं राजनीति से जुड़ा नहीं हूं, लेकिन एक व्यापारी के रूप में हर कोई भारत के साथ सहयोग को लेकर उत्साहित है। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी द्विपक्षीय और वैश्विक सहयोग को दोबारा गति देने की शुरुआत है।

द्विपक्षीय संबंध होंगे मजूबत

सीजीटीएन (चीन की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी) के संपादक अंकित प्रसाद ने कहा, इस दौरे का सबसे बड़ा संकेत यह है कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए कुछ तंत्र स्थापित हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी का दौरा इस बात की पुष्टि करता है कि सीमा पर कुछ प्रगति हुई है। भारत ने जो कड़ा रुख अपनाया था, उस पर वह अब भी कायम है। अंकित ने आगे कहा, एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पहलू होगी। एक तरफ यह संगठन की दिशा तय करेगा और दूसरी तरफ भारत-चीन रिश्तों को नई दिशा देगा।
बीजिंग में एक व्यवसायी जयंता नंदी ने कहा, यह दौरा प्रतीकात्मक रूप से सहयोग और साझेदारी के एक नए युग की शुरुआत है। डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा और दोनों देशों की मित्रता में सुधार की हमें पूरी उम्मीद है। वहीं, बीजिंग में रह रहे भारतीय प्रवासी ने कहा, सबसे पहले तो मुझे बहुत खुशी है कि हमारे प्रधानमंत्री यहां आ रहे हैं। इस यात्रा से व्यापार तो बढ़ेगा ही, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत और चीन के लोगों के बीच रिश्ते और मधुर होंगे।

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