गुरू नानक देव के प्रकाश पर्व का राजनीतिकरण किये जाने से बचना चाहिए : रंधावा

चंडीगढ़ : पंजाब के मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने रविवार को कहा कि गुरू नानक देव के 550 वें प्रकाश पर्व का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए और ऐसे किसी भी विवाद का असर इस कार्यक्रम की तैयारियों पर पड़ सकता है । 

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने स्वीकार किया कि राज्य सरकार अकाल तख्त के तत्वावधान में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के साथ पूरे उत्साह से इस प्रकाश पर्व को मनाने के लिए प्रतिबद्ध है । 

रंधावा ने यहां बयान जारी कर बताया, ‘‘गुरू नानक देव का 550 वां ‘प्रकाश पर्व’ एक पवित्र आयोजन है और इस अवसर के राजनीतिकरण से हर कीमत पर बचना चाहिए क्योंकि यह निकट ही है और इस मौके पर कोई भी विवाद इस कर्यक्रम की तैयारी में व्यवधान उत्पन्न कर सकता है ।’’ 

उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया घटनाक्रम में जिसमें शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष गोविंदर सिंह लौंगोवाल, शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई वाले शिष्टमंडल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कार्यक्रम के लिए न्यौता देने गए थे जो इस पवित्र अयोजन का राजनीतिकरण है। 

कांग्रेस नेता ने कहा कि बेहतर तो यह होता कि यह न्यौता पंजाब सरकार और एसजीपीसी की तरफ से संयुक्त रूप से दिया जाता क्योंकि वर्तमान राज्य सरकार को प्रदेश के लोगों ने चुना है और वह उनकी प्रतिनिधि है।
 
उन्होंने यह भी कहा कि एसजीपीसी और राज्य सरकार के बीच समन्वय समय की जरूरत है । 

उल्लेखनीय है कि एक जुलाई को शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में एक शिष्टमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरू नानक देव के 550 वें प्रकाश पर्व पर आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेने का न्यौता दिया था । इस कार्यक्रम का आयोजन 12 नवंबर को सुल्तानपुर लोधी में किया जाएगा। 
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