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पॉल्ट्री उद्योग को लगी बर्ड फ्लू की नजर, उत्पादों के उपभोग में आई ‘भारी कमी’

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बताया कि बर्ड फ्लू के हालिया प्रकोप के दौरान देश में लगभग 4.5 लाख पक्षियों को मारा गया और इससे पॉल्ट्री उद्योग को काफी नुकसान हुआ तथा पॉल्ट्री उत्पादों के उपभोग में कमी आई।
पॉल्ट्री उद्योग को लगी बर्ड फ्लू की नजर, उत्पादों के उपभोग में आई ‘भारी कमी’
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बताया कि बर्ड फ्लू (एवियन इंफ्लूएंजा) के हालिया प्रकोप के दौरान देश में लगभग 4.5 लाख पक्षियों को मारा गया और इससे पॉल्ट्री उद्योग को ‘‘काफी नुकसान’’ हुआ तथा पॉल्ट्री उत्पादों के उपभोग में ‘‘कमी’’ आई। राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री संजीव कुमार बालियान ने कहा कि हालिया बर्ड फ्लू के प्रकोप के दौरान देश में अब तक कुल 4,49,271 पक्षियों को मारा गया है।
इससे पॉल्ट्री उद्योग को हुए नुकसान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों से पॉल्‍ट्री फार्म उद्योग को हुए नुकसान की मात्रा के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। तथापि, पॉल्ट्री उद्योग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पोल्‍ट्री पक्षियों की मौत अथवा आबादी ह्रास के रूप में उद्योग को काफी नुकसान हुआ है।’’ उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बर्ड फ्लू के प्रसार के भय के कारण पॉल्ट्री तथा पॉल्‍ट्री उत्पादों के उपभोग में कमी आई है और इसके परिणमस्वरूप पॉल्‍ट्री अंडों और मांस की कीमत कम हो गई है।
बालियान ने बताया कि देश भर में बर्ड फ्लू की निगरानी की जा रही है और मंत्रालय ने निगरानी तथा महामारी विज्ञान संबंधी जांच-पड़ताल करने के लिए राज्यों में केंद्रीय टीमों की तैनाती की है। हाल ही में केंद्र सरकार ने नौ राज्यों -केरल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, गुजरात, उत्तर प्रदेश और पंजाब में पॉल्ट्री फार्म के पक्षियों में बर्ड फ्लू (एवियन इंफ्लूएंजा) की पुष्टि की थी।
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