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मैरीटाइम इंडिया समिट 2021 : PM मोदी बोले-समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल करेगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मैरीटाइम इंडिया समिट-2021 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में 50 से ज्यादा देशों के करीब एक लाख से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए।
मैरीटाइम इंडिया समिट 2021 : PM मोदी बोले-समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल करेगा भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मैरीटाइम इंडिया समिट-2021 का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में 50 से ज्यादा देशों के करीब एक लाख से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए। 2 मार्च से 4 मार्च तक वर्चुअल माध्यम पर पोर्ट, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर मैरीटाइम इंडिया समिट-2021 का आयोजन किया गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुए इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में समुद्री नौवहन क्षेत्र के विकास में 2035 तक विभिन्न परियोजनाओं में 82 अरब डालर का निवेश किया जाएगा। बंदरगाहों के विकास के साथ ही जलमार्गों का विकास और लाइटहाउस के आसपास पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में भारत बड़ी सफलता हासिल करेगा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने मैरीटाइम इंडिया समिट में ई-बुक 'मैरीटाइम इंडिया विजन 2030' का भी विमोचन किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय बंदरगाहों, जलपोत कारखानों और जलमार्गों में निवेश के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित किया। 
सागरमाला परियोजना के तहत 574 से अधिक परियोजना होंगी शुरू
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सागरमाला परियोजना के तहत 574 से अधिक परियोजनाओं की पहचान की गई है। इन पर 82 अरब डालर यानी छह लाख करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इन परियोजनाओं पर 2015 से 2035 के बीच काम पूरा किया जाना है। 
उन्होंने कहा कि सरकार अगले दस साल में देश में 23 जलमार्गों को परिचालन में लाने पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तटीय सीमा के साथ 189 प्रकाशस्तंभ हैं इनमें से सरकार 78 प्रकाशस्तंभ के आसपास पर्यटन का विकास करने की योजना पर काम कर रही है। 
समुद्री नौवहन क्षेत्र में स्वच्छ अक्षय ऊर्जा के इसतेमाल को भी बढ़ावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार इसके साथ ही समुद्री नौवहन क्षेत्र में स्वच्छ अक्षय ऊर्जा के इसतेमाल को भी बढ़ावा दे रही है। ‘‘हम देशभर में सभी प्रमुख बंदरगाहों पर सौर और पवन ऊर्जा आधारित विद्युत प्रणाली स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं। हम 2030 तक सभी बंदरगाहों में इस्तेमाल होने वाली कुल बिजली में से 60 प्रतिशत से अधिक बिजली नवीनीकरण ऊर्जा से इसतेमाल में लाने का उद्देश्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।’’ 
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय बंदरगाहों पर माल लेकर आने और जाने वाले जलयानों को अब अधिक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत समुद्री नौवहन क्षेत्र में विकास को लेकर बहुत गंभीर है, इसके साथ ही भारत अब दुनिया की समुद्री अर्थव्यवसथा के क्षेत्र में एक प्रमुख ताकत के तौर पर उभर रहा है।’’ 
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