भारत रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के विकास में उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा : PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय रूस दौरे का आज आखरी दिन है। जहां उन्होंने 5वें ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के सुदूर पूर्व के साथ भारत के संबंधों को बढ़ावा देने के लिए ‘एक्ट फार ईस्ट’ नीति की शुरुआत की। पीएम मोदी ने पूर्वी आर्थिक मंच से कहा, राष्ट्रपति पुतिन ने मुझे दो साल पहले सेंट पीटर्सबर्ग आर्थिक मंच में आमंत्रित किया था। यूरोप के सामने से गेटवे ऑफ पैसिफिक तक यह मेरे लिए ट्रांस-साइबेरियन यात्रा की तरह है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, व्लादिवस्तोक यूरेशिया और पैसिफिक का संगम है। यह आर्कटिक और नॉर्दन सी रूट के लिए नए अवसर खोलता है। रूस का करीब तीन चौथाई भाग एशियाई है। फार ईस्ट इस महान देश की एशियन पहचान को मजबूत करता है। इस क्षेत्र का आकार भारत से करीब दो गुना है। जिसकी आबादी सिर्फ 6 मिलियन है। उन्होंने कहा, भारत रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के विकास में उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन ने इस कार्यक्रम के लिए मुझे भारत में चुनाव से पहले ही निमंत्रण दे दिया था। 130 करोड़ लोगों ने मुझपर भरोसा जताया है। पीएम मोदी ने कहा कि मैंने राष्ट्रपति पुतिन के साथ रूस की प्रतिभा को जानने का मौका मिला, जिसने मुझे बहुत प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा, मेरा मानना ​​है कि आज इस मंच पर हमारे विचार मंथन से न केवल सुदूर पूर्व में मानव कल्याण के प्रयासों को बल मिलेगा, बल्कि पूरी मानव जाति को भी बल मिलेगा। भारत और सुदूर पूर्व का संबंध नया नहीं है, बल्कि पुराना है। भारत एक ऐसा देश है जिसने व्लादिवोस्तोक में अपना दूतावास खोला। सोवियत रूस के दौरान भी जब अन्य विदेशियों पर प्रतिबंध था, व्लादिवोस्तोक भारतीयों के लिए खुला था।

पीएम मोदी ने कहा,  भारत में भी हम 'सबका साथ सबका विकास' के मंत्र पर एक नए भारत का निर्माण कर रहे हैं। हम 2024 तक 5 ट्रिलियन यूएस डॉलर अर्थव्यवस्था होने का लक्ष्य बना रहे हैं। सुदूर पूर्व के विकास के लिए, भारत 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण देगा। मेरी सरकार ने अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के हिस्से के रूप में पूर्वी एशिया को सक्रिय रूप से शामिल किया है। यह हमारी आर्थिक कूटनीति को भी एक नया आयाम देगा।


रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत, चीन, रस, कोरिया, मलेशिया, जापान, मंगोलिया जैसे देशों के साथ हमारा साथ अटूट है। एशिया पैसेफिक रीजन के देशों का आने वाले दशकों में दुनिया में बड़ा प्रभाव होगा। मुझे विश्वास है कि उनके पास काफी संभावनाएं हैं जो आने वाले दशकों में एशिया प्रशांत क्षेत्र की बढ़ती भूमिका के साथ है। 

रूस के व्लादिवोस्तोक में ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में हिस्सा लेने पहुंचे पीएम मोदी ने भारतीय बिजनेस पवेलियन का दौरा किया। इससे पहले पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मुलाकात की।


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