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चीनी कंपनियों के खिलाफ PoK के मुजफ्फराबाद में लोगों ने निकाली मशाल रैली

नीलम-झेलम नदी पर चीनी फर्मों द्वारा बनाए जाने वाले मेगा-डैम के निर्माण के खिलाफ पीओके के मुजफ्फराबाद शहर में स्थानीय लोगों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया।
चीनी कंपनियों के खिलाफ PoK के मुजफ्फराबाद में लोगों ने निकाली मशाल रैली
नीलम-झेलम नदी पर चीनी फर्मों द्वारा बनाए जाने वाले मेगा-डैम के निर्माण के खिलाफ सोमवार देर रात पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद शहर में स्थानीय लोगों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में मशाल लिए हुए लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इससे पहले 25 सितंबर को भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और मशाल रैली निकाली गई। इस रैली में शहर और पीओके के अन्य हिस्सों से एक हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया था। विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘दरिया बचाओ, मुजफ्फराबाद बचाओ’ कमेटी के प्रदर्शनकारियों ने ‘नीलम-झेलम बहने दो, हमें जिंदा रहने दो’ जैसे नारे लगाए। 
हाल में ही पाकिस्तानी सरकार ने चीन के साथ नीलम और झेलम नदियों पर डैम बनाने का सौदा किया है। चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के हिस्से के रूप में 700.7 मेगावाट बिजली की आजाद पट्टन हाइडल पावर परियोजना पर 6 जुलाई, 2020 को हस्ताक्षर किए गए थे। 1.54 बिलियन डॉलर की परियोजनाएं चीन जियोझाबा कंपनी (CGGC) द्वारा प्रायोजित की जाएंगी।
वहीं, कोहाला हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट को झेलम नदी पर बनाया जाएगा, पीओके के सुधनोटी जिले में आज़ाद पट्टन पुल से लगभग 7 किमी और पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से 90 किमी दूर है। वर्ष 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, यह परियोजना चीन थ्री गोरजेस कॉर्पोरेशन, इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) और सिल्क बोर्ड फंड द्वारा प्रायोजित की जाएगी।
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