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"अकाल तख्त साहिब के सामने रखेंगे फर्जी वीडियो का सच" - भगवंत मान

06:37 PM Jun 25, 2026 IST | Rohit Singh
 अकाल तख्त साहिब के सामने रखेंगे फर्जी वीडियो का सच    भगवंत मान
source : social media

Bhagwant Mann Fake Video Controversy : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का फर्जी वीडियो बनाने की पूरी साज़िश का पर्दाफाश हो गया। जिस वीडियो लेकर विरोधी हल्ला मचा रहे थे, असल में वह फर्जी निकला। सीएम भगवंत मान के जैसा दिखने के लिए मास्क का इस्तेमाल किया गया। कनाडा में बैठे ब्लैकमेलर जगमन समरा ने भगवंत मान के मास्क के साथ वीडियो बनाया था। कार में मास्क की डिलीवरी होने के बाद हाथ में भगवंत मान के मास्क के साथ जगमन समरा वीडियो में दिख रहा है। फर्जी वीडियो में चेहरे पर मास्क साफ दिख रहा है और भगवंत मान के गले पर मौजूद ऑपरेशन का निशान भी गायब है।

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फर्जी वीडियो की साजिश का पर्दाफाश खुद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली क्लब में प्रेसवार्ता करके की। इस खुलासे के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहीं विरोधी पार्टियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक्स पर कहा कि फ़र्ज़ी वीडियो का सारा सच बाहर आ गया है। भगवंत मान का फ़र्ज़ी वीडियो मास्क लगवाकर बनाया गया था। अब ये ईडी पार्टी, चिट्टा पार्टी और झगड़ा पार्टी पंजाब में किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। पंजाब के लोग इस घटिया हरकत के लिए इन्हें कभी माफ़ नहीं करेंगे।

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प्रेस कांफ्रेस में सीएम ने कहा

उधर, प्रेसवार्ता के दौरान सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कई दिनों से मेरी एक नकली और फर्जी वीडियो चला-चलाकर उससे सियासी लाभ लेने के लिए धार्मिक हुक्मनामे भी जारी करवाए गए हैं। जिन सियासी आकाओं ने धार्मिक पदों पर बैठे लोगों को अपनी सुविधानुसार घोषणाएं करने को कहा है, उनका मुख्य मकसद मुझे धार्मिक तौर पर बदनाम करना है क्योंकि राजनीतिक तौर पर वे मेरा मुकाबला नहीं कर सकते। वे ग्राउंड पर बिल्कुल जीरो हो चुके हैं। वे अब इस स्तर तक गिर गए हैं कि हर रोज कोई न कोई ऐसा हुक्म या आदेश जारी करते हैं जिससे मुझे धार्मिक तौर पर बदनाम किया जा सके।

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भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों के लिए सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक रूप से जितने काम हमारी सरकार ने किए हैं, उतने किसी और ने नहीं किए। चाहे वह बेअदबी के खिलाफ सख्त सजा का कानून बनाना हो, पालकी साहिब वाली गाड़ी का सारा टैक्स माफ करना हो, श्री आनंदपुर साहिब में विधानसभा सत्र बुलाना हो या गुरु साहिब के चरणों में 350 साला शहीदी दिवस के अवसर पर तीन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा देना हो, ये विरोधी इन कामों का मुकाबला नहीं कर सकते। अब सारी पार्टियां मिलकर मेरे पीछे पड़ गई हैं और उनका एक ही मकसद है कि बस भगवंत मान को टारगेट करो, झूठी- सच्ची वीडियो बनाकर लोगों के दिमाग में यह बात डाल दो ताकि लोग मुझसे नफरत करने लगें, लेकिन यह संभव नहीं होगा।

उन्होंने आगे कहा-

Bhagwant Mann Fake Video Controversy

भगवंत सिंह मान ने कहा कि एसजीपीसी वाले गुरुद्वारा साहिबों के आगे मेरे बायकॉट के बोर्ड लगा रहे हैं और आदेश दे रहे हैं कि अकाल तख्त साहिब का हुक्म है (जिसे मैं और सारी दुनिया सर्वाेच्च मानती है) कि भगवंत मान का बायकॉट करो, उसे मुंह मत लगाओ। लेकिन यही बोर्ड सुखबीर बादल के लिए क्यों नहीं लगाए गए, जब उन्हें तनखैया करार दिया गया था? जिन लोगों ने सुखबीर बादल का 2 दिसंबर को हां-में-हां मिलाया था, उनके बायकॉट के बोर्ड क्यों नहीं लगे कि ये बेअदबी के दोषी हैं, गोलियां चलाने के लिए जिम्मेदार हैं या गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में पानी की बौछारें कराने के जिम्मेदार हैं? जब एसजीपीसी का प्रधान खुद कहता है कि वह गुरु गोबिंद सिंह का नहीं, बल्कि सुखबीर बादल का सिपाही है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि उनके आका कौन हैं?

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक उस फर्जी वीडियो का सवाल है, जब मुझे अकाल तख्त साहिब पर बुलाया गया था। तब मैं एक विनम्र सिख के तौर पर गया था। आज भी यदि बुलाया जाएगा तो मैं हाजिर होऊंगा। मैं अकाल तख्त साहिब की सर्वाेच्चता को चुनौती देने की कोई औकात नहीं रखता। उन्होंने वीडियो भी जारी की है। मैंने तो उन्हें लाइव करने की विनती की थी, लेकिन उन्होंने कहा कि लाइव नहीं कर सकते, यह केवल पंज सिंह साहिबानों के लिए रिकॉर्डिंग रखी गई है। अब वे उस एडिटेड हिस्से को भी रिलीज करने लगे हैं। मेरी यही चुनौती है कि जहां मर्जी से इसकी जांच करा लीजिए, उस वीडियो में मैं नहीं हूं। उस वीडियो में व्यक्ति की शारीरिक संरचना मेरे साथ नहीं मिलती। उसका कद मुझसे दो इंच ऊंचा है, उसकी चाल-ढाल और खड़े होने का तरीका बिल्कुल अलग है।

विपक्ष बौखलाया हुआ है

भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब ये विरोधी पार्टियां लैब वालों के पीछे पड़ गई हैं और उनसे कहलवाने लगी हैं कि रिपोर्ट फर्जी है। तीनों पार्टियां एक हो गई हैं। कांग्रेस कह रही है कि भगवंत मान का बायकॉट करो क्योंकि इसने अकाल तख्त की सर्वाेच्चता को ठेस पहुंचाई है। यह वही कांग्रेस है जिसने अकाल तख्त को ढहाया और 1984 में तोपें और गोले चलाए। दूसरी पार्टी अकाली दल है जिस पर बेअदबी के आरोप हैं और तीसरी पार्टी भाजपा है जिसने इंदिरा गांधी को ब्लू स्टार ऑपरेशन के लिए उकसाया था। ये तीनों मिलकर भगवंत मान के खिलाफ साझा मोर्चा बना चुके हैं।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये लोग बौखलाए हुए हैं क्योंकि ये जनता का सामना नहीं कर सकते। मैं तो हर रोज किसी न किसी गांव में जाता हूं। गुरुवार को बुढवाडा के धरमपुरा में था, परसों मौर मंडी के मंडी कलां में था। मैं पानी, बिजली, रोजगार, तालाबों और सड़कों की बात करता हूं, लेकिन ये किसी और ही भटकाव में पड़े हैं।

फर्जी है वीडियो

सीएम भगवंत सिंह मान ने फर्जी वीडियो का सच दुनिया के सामने रखते हुए कहा कि वीडियो में जो व्यक्ति मेरी जगह एक्टिंग कर रहा है, साफ दिख रहा है कि उसने मास्क पहना हुआ है। गर्दन के पास एक स्पष्ट रेखा दिखाई दे रही है जो मास्क की है। दूसरी बात, 5 साल की उम्र से मेरी गर्दन पर एक ऑपरेशन हुआ था, उसका निशान अभी भी है जो उस वीडियो में नहीं है। लोग मेरी ‘जुगनू’ वाली वीडियो भी देख सकते हैं, उसमें भी वह निशान है। वीडियो बनाने वाले यह बात भूल गए।

उन्होंने कहा कि वीडियो में कान के पास का हिस्सा, मास्क का रंग और मुड़ने का तरीका साफ बता रहा है कि वह एक प्लास्टिक का मास्क है। आंखों को छिपाने के लिए उसने काले चश्मे पहने हुए हैं, क्योंकि आंखों का मास्क नहीं बन सकता। इस मास्क की बैकग्राउंड क्या है, इसको लेकर भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर चल रहा है। मास्क कहां से बनवाया गया, कैसे डिलीवरी ली गई और उसे पहनकर जगमन समरा नाम के ब्लैकमेलर ने वीडियो बनाई, यह सब साफ है। उसने गाड़ी में बैठे हुए हाथ पर मास्क चढ़ाकर एक वीडियो बनाई थी जिसमें दिखाया गया था कि चेहरे पर चेहरा कैसे चढ़ जाता है। जगमन समरा ने हाथ पर मास्क चढ़ाकर उसे लाइव किया था।

मामला कनाडा का, मैं गया नहीं

भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कनाडा का मामला है। मैं तो 2016 के बाद कनाडा गया ही नहीं। 2016 में गया था, उसके बाद चुनाव लड़ा और 2019 में सांसद बन गया। उन्होंने पूछा कि होटल के कमरे में गुरु साहिब की तस्वीरें कौन लगाता है? और कमरे की बनावट 2017-18 के बाद के होटलों जैसी है। अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा वाले सोच रहे हैं कि उन्हें भगवंत मान के खिलाफ कोई बड़ा लूप होल मिल गया है। उन्होंने कहा कि उसने अरविंद केजरीवाल का मास्क भी मंगवाया है जो हम आने वाले दिनों में दिखाएंगे। हम जल्द ही यह भी खुलासा करेंगे कि इसके पीछे पैसे देने वाले स्पॉन्सर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर कौन हैं। उसमें भी यह साझा मोर्चा शामिल है।

भगवंत मान ने कहा कि उस ब्लैकमेलर ने उसी कमरे में मेरी कुछ और पर्सनल वीडियो भी बनाई थीं, जिनमें यह दिखाया गया था कि भगवंत मान शराब पीकर पता नहीं क्या कर रहा है। वह सब एक ही दिन में शूट किया गया था। हम यह वीडियो अकाल तख्त साहिब को भी भेजेंगे और कहेंगे कि इसकी जांच करवा लें। मैं नानक लेवा संगत पर छोड़ता हूं कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां कितनी घटिया हरकतें कर रही हैं। लेकिन जब तक जनता मेरे साथ है, मुझे किसी चीज का डर नहीं है। मुझे रोज सैकड़ों फोन और संदेश आते हैं कि घबराना मत, हम आपके साथ हैं। मैं संगत से अपील करता हूं कि धर्म का इस स्तर पर इस्तेमाल बहुत गलत है। इन लोगों के खिलाफ धर्म युद्ध मोर्चा नहीं, बल्कि धर्म विरुद्ध मोर्चा शुरू होना चाहिए।

जनता जानती है सच्चाई

सवालों का जवाब देते हुए भगवंत सिंह मान ने जगमन समरा पीपीपी के समय मुझे एक बार मिला था, लेकिन वह मेरा दोस्त नहीं है और मेरा उससे कोई लेन-देन नहीं है। वह फरीदकोट जेल से भागा हुआ है, नेपाल के रास्ते कनाडा पहुंचा और एक ब्लैकमेलर और नशेड़ी है। गुड़गांव वाली रिपोर्ट को फर्जी बताने के आरोप भी गलत हैं। अगर हमें रिपोर्ट मैनेज करनी होती, तो हम भाजपा शासित हरियाणा के गुड़गांव से क्यों करवाते, पंजाब से ही करवा लेते।

उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और हम इंटरपोल के जरिए उसे यहां लाने की तैयारी शुरू करेंगे। उस व्यक्ति ने किसान आंदोलन के समय तत्कालीन कृषि मंत्री के बेटे को भी ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। ये लोग चुनावों के समय ही ऐसी वीडियो लाते हैं, लेकिन पंजाब के लोग खुश हैं और जानते हैं कि सच्चाई क्या है।

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Rohit Singh

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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