राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की जांच के लिए बनी एसआईटी फर्जी- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने श्री राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच करने के लिए बनाई गई एसआईटी पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार द्वारा बनाई गई एसआईटी फ़र्ज़ी है। यूपी सरकार बताए कि किस क़ानून की किस धारा में ये एसआईटी बनाई गई है? कानूनन बिना एफआईआर के एसआईटी नहीं बनती। उन्होंने कहा कि ये एसआईटी केवल मामले को रफ़ा दफ़ा करने, ऊंचे लोगों को बचाने और आम लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बनाई गई है। आज हर हिंदू और हर सनातनी पूछ रहा है कि मामले में एफआईआर करके सीबीआई और ईडी को जांच क्यों नहीं सौंपी जा रहा?
यूपी सरकार बताए, किस क़ानून की किस धारा में ये एसआईटी बनाई गई है?- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच करने के लिए एक एसआईटी बनाई गई है। एसआईटी की कोई पावर नहीं है। कानून के अंदर बिना एफआईआर के कोई एसआईटी बन ही नहीं सकती। मैं इनसे पूछना चाहता हूं कि इन्होंने जो एसआईटी बनाई है, वह किस कानून की किस धारा के तहत बनाई है? ऐसा कोई कानून नहीं है। इस एसआईटी के पास न किसी को समन करने की पावर है, न किसी को गिरफ्तार करने की और न ही किसी पर रेड मारने की। यह एसआईटी कुछ नहीं कर सकती। इसे केवल मामले की लीपापोती करने, उसे रफा-दफा करने और बड़े-बड़े लोगों को बचाने के लिए बनाया गया है।
कानूनन बिना एफआईआर के कोई एसआईटी बन ही नहीं सकती- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने याद दिलाया कि 2021 में भी इन्होंने एक एसआईटी बनाई थी। उस समय यह मामला उठा था कि अयोध्या के अंदर बहुत बड़े-बड़े नेताओं और अफसरों ने जमीनें खरीदकर घोटाला किया है। उस समय भी एसआईटी बनी थी, लेकिन कोई एफआईआर नहीं की गई थी। आज तक उस एसआईटी का कोई अता-पता नहीं है। थोड़े दिन में लोग इस एसआईटी को भी भूल जाएंगे। यह एसआईटी भी कुछ नहीं करने वाली है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी मीडिया में पढ़ने को मिल रहा है कि एसआईटी छोटे-छोटे आम कर्मचारियों को पकड़कर उनसे पूछताछ कर रही है। अगर इतने महीनों और सालों से चढ़ावे की चोरी हो रही थी, तो वे छोटे-छोटे कर्मचारी बिना किसी बड़े आदमी की शह के तो ऐसा कर नहीं रहे थे। जरूर चढ़ावे की चोरी ऊपर तक जा रही थी। इसमें बड़े लोगों को बचाया जा रहा है और सिर्फ छोटे लोगों की जांच चल रही है।
हर हिंदू पूछ रहा, एफआईआर कर मामले को सीबीआई-ईडी को क्यों नहीं सौंपा जा रहा?- केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि अगर इनकी मंशा वाकई असली चोरों को पकड़ने की है, तो यह मामला सीबीआई और ईडी को क्यों नहीं सौंपा जा रहा? आज हर हिंदू और हर सनातनी पूछना चाहता है कि इस मामले में अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुई और यह मामला सीबीआई व ईडी को क्यों नहीं सौंपा गया।
उधर, “आप” उत्तर प्रदेश के प्रभारी व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि मैं पहले दिन से ही कह रहा था कि एसआईटी सिर्फ एक झुनझुना है। योगी आदित्यनाथ ने लंबा-चौड़ा भाषण देकर कहा था कि जिसके पास साक्ष्य हैं वह एसआईटी को दे, बाहर बात करने की जरूरत नहीं है। मुझे मालूम था कि एसआईटी किसी काम की नहीं है, फिर भी मैंने 20 जून को एसआईटी को चिट्ठी और मेल भेजकर साक्ष्य देने के लिए समय मांगा है।
राम मंदिर जमीन घोटाले के सारे सबूत हैं, लेकिन एसआईटी मिलने का समय नहीं दे रही- संजय सिंह

संजय सिंह ने कहा कि मेरे पास साक्ष्य हैं कि दो करोड़ रुपए की जमीन 18.5 करोड़ में, तीन करोड़ की जमीन 24 करोड़ में और 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ 37 लाख रुपए में खरीदी गई। राम मंदिर में इतना भारी भ्रष्टाचार और बेईमानी हुई है। 260 किलो चांदी चोरी हो गई, प्रभु श्री राम की पादुकाएं और हार भी चोरी हो गया, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। चढ़ावे और दान में हुई चोरी का माल बरामद भी हो गया, फिर भी न कोई जेल गया और न ही कोई एफआईआर हुई। इसके उलट, वे लोग फिर मंच पर बैठकर आयोजन कर रहे हैं।
संजय सिंह ने कहा कि इन चंदा चोरों और चढ़ावे में चोरी करने वालों को बचाया जा रहा है, जिसका सीधा मतलब है कि ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी की पूरी ईडी पार्टी इसमें शामिल है। अब तक कोई ईडी या सीबीआई जांच नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट बनाया था, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग में समयबद्ध तरीके से जांच करने वाली एसआईटी बननी चाहिए थी और बेईमानों को जेल भेजा जाना चाहिए था। इससे करोड़ों हिंदुओं का भरोसा बनता कि उनके दान पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन अभी सिर्फ रस्मअदायगी और भाषणबाजी चल रही है।
इसी लूट के माल से ईडी पार्टी सांसद-विधायक ख़रीद रही है, तभी मोदी जी ख़ामोश हैं- संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह ट्रस्ट बनाया और उसमें अपने लोगों को भर दिया। आरएसएस और ईडी पार्टी से जुड़े ये लोग खुलेआम जमीनों का घोटाला और चढ़ावे में चोरी कर रहे हैं और इस लूट का हिस्सा नीचे से लेकर ऊपर तक पहुंच रहा है। यह कोई मामूली चोरी नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपए की चोरी है। प्रभु श्री राम का मंदिर लूटकर ये लोग विधायक और सांसद खरीद रहे हैं और पूरे देश में राजनीति चमका रहे हैं। क्या राम मंदिर आस्था का केंद्र है या इनकी लूट का? मैं तो बार-बार यह कह रहा हूं कि महमूद गजनवी ने सोमनाथ का मंदिर लूटा था और ईडी पार्टी ने प्रभु श्री राम का मंदिर लूटा है। यहां तक कि किसी भक्त द्वारा दान की गई कागभुशुंडी (राम भक्त कौवे) की चांदी की मूर्ति भी चोरी हो गई।

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