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30 लाख रोजगार से बदली पंजाब की तस्वीर, भगवंत मान सरकार ने युवाओं को दिया बड़ा भरोसा

11:15 AM Aug 28, 2026 IST | Shivangi Shandilya
30 लाख रोजगार से बदली पंजाब की तस्वीर  भगवंत मान सरकार ने युवाओं को दिया बड़ा भरोसा
Punjab 30 lakh jobs

पंजाब में रोजगार को लेकर सियासत लंबे समय से होती रही है, लेकिन अब रोजगार को लेकर तस्वीर तेजी से बदल रही है। 27 अगस्त 2026 का दिन 1,746 परिवारों के लिए खास रहा, जब 1,746 पुलिस जवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इन नियुक्तियों को सरकार ने बिना सिफारिश और बिना रिश्वत, योग्यता और मेहनत के आधार पर रोजगार देने के अपने मॉडल की मिसाल बताया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार के अनुसार अप्रैल 2022 से अगस्त 2026 तक पंजाब में 70,840 से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।

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इन आंकड़ों की असली अहमियत सरकारी फाइलों में नहीं, बल्कि उन घरों में दिखाई देती है जहां नियुक्ति पत्र पहुंचा है। पंजाब के सामान्य परिवार के लिए बेटे या बेटी को नौकरी मिलना सिर्फ एक रोजगार नहीं, बल्कि घर की आर्थिक चिंता कम होने, माता-पिता की उम्मीद पूरी होने और युवा के अपने पैरों पर खड़े होने का नाम है। यही वजह है कि रोजगार को लेकर मान सरकार की नीति को युवाओं के बीच सकारात्मक संदेश के तौर पर पेश किया जा रहा है।

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पंजाब में रोजगार की कहानी सिर्फ सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। सरकार के अनुसार राज्य में 6.36 लाख से अधिक निजी क्षेत्र की नौकरियां सृजित या सुगम की गई हैं और करीब 23 लाख युवाओं को रोजगार मेलों, प्लेसमेंट कैंपों और रोजगार सहायता नेटवर्क से जोड़ा गया है। इसका मतलब यह है कि नौकरी के अवसर पैदा करने के लिए सरकारी भर्ती के साथ-साथ निजी कंपनियों और उद्योगों को भी रोजगार की व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है।

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जुलाई 2026 में सुनाम में आयोजित मेगा जॉब फेयर इसका उदाहरण है, जहां 562 युवाओं का चयन हुआ और 618 युवाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया। ऐसे रोजगार मेले पंजाब के युवाओं को सीधे कंपनियों तक पहुंचने का मौका देते हैं। जिस युवा को नौकरी के लिए लंबे समय तक भटकना पड़ता था, उसके सामने अब एक ही जगह कई कंपनियों और अवसरों तक पहुंच बनाने का रास्ता तैयार किया जा रहा है।

पंजाब के युवाओं को रोजगार का बड़ा तोहफा: 1,746 पुलिस जवानों को नियुक्ति, 70,840+ सरकारी नौकरियों का नया रिकॉर्ड

पंजाब में बढ़ता निवेश भी रोजगार की इस कहानी को मजबूती दे रहा है। राज्य में करीब 1,83,837 करोड़ रुपये यानी लगभग 1.84 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया गया है। नई औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहनों और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल के जरिए नई परियोजनाओं को आकर्षित करने की कोशिश हो रही है। निवेश बढ़ता है तो उसके साथ फैक्ट्रियों और कंपनियों में सीधे रोजगार के अलावा ट्रांसपोर्ट, सर्विस, सप्लाई, छोटे कारोबार और स्थानीय बाजार में भी रोजगार के नए अवसर बनते हैं। भगवंत मान सरकार के लिए रोजगार अब सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि राजनीतिक पहचान का मुद्दा भी बन चुका है। आम आदमी पार्टी जिस बात को सबसे ज्यादा जोर देकर सामने रख रही है, वह है कि युवा को नौकरी पाने के लिए किसी नेता के दरवाजे पर सिफारिश लेकर जाने की जरूरत न पड़े। नौकरी उसकी योग्यता और मेहनत से मिले। यही संदेश पंजाब के उन परिवारों से सीधे जुड़ता है जिन्होंने वर्षों तक सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं का इंतजार किया है।

अब Gen Z और आने वाली Gen Alpha की पीढ़ी भी राजनीति को पुराने तरीके से नहीं देखती। ये युवा सोशल मीडिया पर सिर्फ भाषण नहीं देखते, बल्कि यह देखना चाहते हैं कि सरकार उनके लिए कर क्या रही है। रोजगार, पारदर्शिता, अवसर और भविष्य की सुरक्षा उनके लिए बड़े मुद्दे हैं। ऐसे में नियुक्ति पत्र, रोजगार मेले, निजी क्षेत्र में अवसर और निवेश जैसे कदम आम आदमी पार्टी को युवाओं के बीच अपना काम दिखाने का मौका देते हैं।

पंजाब के लिए रोजगार का सवाल और भी भावनात्मक है। पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में युवाओं का दूसरे राज्यों या विदेश की तरफ जाना लंबे समय से परिवारों की चिंता रहा है। अगर पंजाब में ही सरकारी और निजी क्षेत्र में अच्छे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, तो इसका फायदा सिर्फ युवा को नहीं बल्कि पूरे परिवार और राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा। यही कारण है कि पंजाब में रोजगार बढ़ाने की कोशिश को युवाओं के भविष्य और पंजाब के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।बेरोजगारी की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है और युवाओं के लिए पर्याप्त अवसर पैदा करना लगातार बड़ी जिम्मेदारी बनी हुई है। लेकिन 70,840 से ज्यादा सरकारी नौकरियां, 6.36 लाख से ज्यादा निजी रोजगार के अवसरों का दावा, 23 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार नेटवर्क से जोड़ना और करीब 1.84 लाख करोड़ रुपये के निवेश के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि रोजगार को सरकार की प्राथमिकताओं में ऊपर रखा गया है।

27 अगस्त को 1,746 पुलिस जवानों के हाथ में नियुक्ति पत्र पहुंचना इसी पूरी तस्वीर का नया अध्याय है। किसी युवा के हाथ में आया नियुक्ति पत्र उसके परिवार के लिए सिर्फ नौकरी का कागज नहीं होता। वह वर्षों की मेहनत का फल, माता-पिता की उम्मीद और बेहतर भविष्य का भरोसा होता है। पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी सरकार अब इसी भरोसे को अपनी ताकत बनाने की कोशिश कर रही है। संदेश सीधा है, सिफारिश नहीं, रिश्वत नहीं; मेहनत और योग्यता से रोजगार। अगर सरकारी भर्तियों के साथ निजी क्षेत्र में रोजगार, नए निवेश और उद्योगों का विस्तार इसी दिशा में आगे बढ़ता है, तो पंजाब के युवाओं के लिए सबसे बड़ा बदलाव यही होगा कि उन्हें बेहतर भविष्य की तलाश में अपने घर और अपनी जमीन से दूर जाने की मजबूरी कम हो। पंजाब में रोजगार अब सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं, युवाओं के भविष्य और सरकार के प्रदर्शन की सबसे बड़ी कसौटी बन चुका है।

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Shivangi Shandilya

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शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।

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