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पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले, सरकारी सेवाएं होंगी मुफ्त, अवैध कॉलोनियों को मिलेगी राहत

06:16 PM Jul 02, 2026 IST | Pankhil Verma
पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले  सरकारी सेवाएं होंगी मुफ्त  अवैध कॉलोनियों को मिलेगी राहत
Punjab News

Punjab News: पंजाब सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया है कि 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक सरकार की डोर-स्टेप डिलीवरी सेवाओं पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। राज्य सरकार पहले से ही 120 से अधिक सरकारी सेवाएं लोगों के घर तक पहुंचा रही है। इन सेवाओं के लिए पहले 70 रुपये का शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब अगले तीन महीने तक यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त रहेगी।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्री ने कहा कि इन दिनों कई लोगों को रिहायशी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में सरकार ने फैसला किया है कि लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसलिए इन सेवाओं का शुल्क अस्थायी रूप से खत्म किया जा रहा है।

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जमीन अधिग्रहण नीति में किया गया बदलाव

कैबिनेट ने भूमि अधिग्रहण (लैंड एक्विजिशन) नीति में भी कुछ अहम बदलाव किए हैं। पहले एक एकड़ जमीन देने वाले व्यक्ति को 1000 वर्ग गज का रिहायशी प्लॉट और 200 वर्ग गज का कमर्शियल प्लॉट मिलता था। अब नई व्यवस्था के तहत 1000 वर्ग गज का रिहायशी प्लॉट पहले की तरह मिलेगा, लेकिन कमर्शियल प्लॉट का आकार बढ़ाकर 210 वर्ग गज कर दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति कमर्शियल प्लॉट नहीं लेना चाहता है, तो उसे पहले 1600 वर्ग गज का रिहायशी प्लॉट मिलता था।

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अब इसकी जगह 1630 वर्ग गज का रिहायशी प्लॉट दिया जाएगा। इसी तरह 800 वर्ग गज वाले कमर्शियल प्लॉट का आकार भी बढ़ाकर 840 वर्ग गज कर दिया गया है। सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि जो लोग एक एकड़ या उससे अधिक जमीन सरकार को देंगे, उन्हें बिना किसी नीलामी के रिजर्व प्राइस पर प्लॉट खरीदने का अवसर मिलेगा। इससे जमीन देने वाले लोगों को पहले से अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है।

अवैध कॉलोनियों को किया जाएगा नियमित

कैबिनेट ने गैर-कानूनी कॉलोनियों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। जिन कॉलोनियों में कम से कम 25 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें नियमित (रेगुलर) किया जाएगा। इसके लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) या संबंधित जमीन मालिक को निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। रिहायशी क्षेत्र के लिए कलेक्टर रेट का 5 प्रतिशत और व्यावसायिक क्षेत्र के लिए 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा।

इसके बाद सरकार प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी करेगी और वहां सड़क, सीवर, पानी तथा अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास कराया जाएगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को अब संपत्ति से जुड़े कामों के लिए एनओसी (NOC) की जरूरत नहीं पड़ेगी।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरपाल सिंह चीमा ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह कोई नई नीति नहीं है, बल्कि पहले से लागू व्यवस्था में लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को सही जानकारी लेनी चाहिए और जरूरत पड़े तो अपने सलाहकार बदलने चाहिए।

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