किसानों को बड़ी राहत! पंजाब में जमीन के अंदर बिछेंगी बिजली की तारें, फसलों में आग की घटनाएं होंगी बंद
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने अपने पैतृक गांव सतौज से एक ऐसे प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसे राज्य के ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस योजना के तहत गांवों में बिजली की ऊपर से गुजरने वाली तारों को हटाकर उन्हें जमीन के नीचे बिछाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करते हुए कहा कि पंजाब को देश का पहला ऐसा राज्य बनाया जाएगा, जहां गांव बिजली के खंभों और उलझी हुई तारों से मुक्त होंगे। सरकार का मानना है कि इससे गांवों में सुरक्षा बढ़ेगी, बिजली आपूर्ति बेहतर होगी और किसानों को भी राहत मिलेगी।
Punjab News: गांवों को मिलेगा खतरनाक तारों से छुटकारा
राज्य सरकार का कहना है कि गांवों में बिजली की ऊपरी तारें लंबे समय से हादसों की वजह बनती रही हैं। खेतों में काम करने वाले किसानों, बच्चों और पशुओं के लिए ये तारें हमेशा खतरा बनी रहती हैं। कई बार ट्रैक्टर, कंबाइन और दूसरे बड़े वाहन तारों की चपेट में आ जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे हो जाते हैं। इसके अलावा बारिश, तेज हवाओं और तूफान के दौरान तार टूटने और खंभे गिरने से बिजली सप्लाई भी बाधित होती है। इन्हीं समस्याओं को खत्म करने के लिए सरकार ने बिजली लाइनों को जमीनदोज करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे गांवों को सुरक्षित और आधुनिक बनाया जा सकेगा।
सतौज से शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
इस योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री के गांव सतौज से की गई है। यह एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जा रहा है। सरकार के मुताबिक इस काम पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत गांव में मौजूद 384 बिजली के खंभों को हटाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि बिजली की केबलें बिछाने के लिए सड़कें नहीं खोदी जाएंगी। इसके लिए ट्रेंचलेस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें विशेष ड्रिलिंग मशीनों की मदद से जमीन के नीचे पाइप डाले जाते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तकनीक गांव की सड़कों और गलियों को नुकसान पहुंचाए बिना काम पूरा करने में मदद करेगी।
क्या-क्या होगा इस योजना में
सरकार ने इस परियोजना के तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि गांव में लगभग 7 किलोमीटर हाई टेंशन लाइन और 9.5 किलोमीटर लो टेंशन लाइन जमीन के नीचे डाली जाएगी। इसके अलावा करीब 41 किलोमीटर लंबी सर्विस केबल घरों तक पहुंचाई जाएगी। सतौज के 66 केवी ग्रिड से जुड़े तीन 11 केवी फीडरों और 28 ट्रांसफार्मरों की लाइनें भी जमीन के नीचे शिफ्ट की जाएंगी। ट्रांसफार्मरों से लेकर घरों के मीटर बॉक्स तक बिजली की सप्लाई अंडरग्राउंड केबलों से होगी। सरकार का दावा है कि इससे बिजली की चोरी और लीकेज में कमी आएगी तथा ट्रांसमिशन लॉस भी घटेगा।
किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों में आग लगने की घटनाएं अक्सर बिजली की ऊपरी तारों की वजह से होती हैं। कई बार तार टूटकर खेतों में गिर जाते हैं, जिससे फसलें जल जाती हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। जमीन के नीचे केबलें बिछ जाने के बाद इस तरह की घटनाओं में काफी कमी आने की उम्मीद है। किसानों को खेती के दौरान भी परेशानी नहीं होगी क्योंकि खेतों और रास्तों में खंभे नहीं होंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम ग्रामीण इलाकों में खेती को ज्यादा सुरक्षित बनाएगा।
बिजली कटौती से मिलेगी राहत
ऊपरी तारों में खराबी आने से गांवों में अक्सर बिजली गुल हो जाती है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाती है। लेकिन जमीन के नीचे केबल होने से मौसम का असर कम पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के बाद गांवों में लगातार और बेहतर बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जा सकेगी। लोगों को बार-बार कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण इलाकों में आधुनिक बिजली व्यवस्था की दिशा में अहम कदम है।
गांवों की सुंदरता भी बढ़ेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली के खंभों और तारों का जाल गांवों की सुंदरता को भी खराब करता है। गलियों और सड़कों पर खंभों की वजह से कई बार आवाजाही में भी दिक्कत आती है। जब सभी तार जमीन के नीचे चली जाएंगी तो गांव ज्यादा साफ और व्यवस्थित दिखाई देंगे। सरकार का कहना है कि इससे गांवों का स्वरूप आधुनिक बनेगा और लोगों को बेहतर वातावरण मिलेगा।
‘सतौज मॉडल’ बनेगा उदाहरण
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस योजना को “सतौज मॉडल” का नाम दिया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल भविष्य में पूरे पंजाब और देश के दूसरे राज्यों के लिए मिसाल बन सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने गांवों को तार-मुक्त बनाने का जो वादा किया था, उसे अब पूरा किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली के खंभों को लेकर गांवों में होने वाली राजनीति भी अब खत्म होगी। उनके मुताबिक यह सिर्फ एक बिजली परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन को सुरक्षित और आधुनिक बनाने का अभियान है।
भावुक हुए मुख्यमंत्री
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान एक पुरानी घटना को याद कर भावुक भी हो गए। उन्होंने बताया कि उनके गांव के तीन युवकों की मौत बिजली के करंट लगने से हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंबाइन मशीन के बिजली की तारों से संपर्क में आने के कारण यह हादसा हुआ था। उन्होंने कहा कि वे युवक अपने परिवारों के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट उन युवकों को सच्ची श्रद्धांजलि है और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ही सरकार यह कदम उठा रही है।
डिजिटल पंजाब की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की दूसरी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में डिजिटल बदलाव की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आरटीओ सेवाओं को डिजिटल किया गया है और “ईजी रजिस्ट्री” प्रणाली लागू की गई है। इसके जरिए लोग अब किसी भी तहसील में जाकर आसानी से अपनी रजिस्ट्री करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दस्तावेज इतने जटिल होते थे कि आम लोगों को समझ नहीं आते थे और उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।
बेअदबी विरोधी कानून का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी विरोधी कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसा कानून तैयार किया है, जिसमें दोषियों को सख्त सजा देने का प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों की मर्यादा बनाए रखना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई थी। सरकार का कहना है कि नया कानून लोगों की धार्मिक भावनाओं की रक्षा करेगा।
स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री सेहत योजना” के तहत पंजाब के लाखों परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड दिए जा रहे हैं। इस योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया that बड़ी संख्या में लोग इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन स्वास्थ्य कार्डों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
महिलाओं के लिए नई योजना
मुख्यमंत्री ने “मावां धीयां सत्कार योजना” का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार के अनुसार सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।
‘रोशन पंजाब’ का सपना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार “रोशन पंजाब” और “रंगला पंजाब” के सपने को साकार करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बिजली की तारों को जमीन के नीचे ले जाने का यह प्रोजेक्ट उसी सोच का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गांवों और शहरों में बिजली के खंभे इतिहास बन जाएंगे। सरकार का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, साफ और आधुनिक वातावरण देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है और अब पंजाब भी आधुनिक तकनीक के जरिए विकास की नई राह पर चल रहा है।
लोगों को मिलेगी राहत
सरकार का मानना है कि इस योजना से गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी। हादसों में कमी आएगी, बिजली सप्लाई बेहतर होगी और गांव ज्यादा सुंदर दिखाई देंगे। इसके अलावा बिजली की लाइनें जमीन के नीचे होने से रखरखाव पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है। बिजली विभाग को बार-बार तारों और खंभों की मरम्मत नहीं करनी पड़ेगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि सतौज में यह मॉडल सफल रहता है तो आने वाले समय में इसे पंजाब के दूसरे गांवों और शहरों में भी लागू किया जाएगा। इस मौके पर राज्य के कई मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी इस पहल को साझा करते हुए कहा कि यह कदम पंजाब को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में ऐतिहासिक शुरुआत है।
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