गुरप्रीत कौर के लिए वरदान बनी पंजाब की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’, दिल में छेद की बीमारी से वर्षों जूझने के बाद मिला नया जीवन
Punjab News: पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना राज्य के लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और इलाज के खर्च की चिंता से मुक्त करना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी मदद मिल रही है।
सरकार के अनुसार, अब तक 45 लाख से ज्यादा लोग इस योजना से जुड़ चुके हैं। हजारों मरीजों ने गंभीर बीमारियों के इलाज में इसका लाभ उठाया है और कई परिवारों को भारी आर्थिक बोझ से राहत मिली है।
Punjab News: दिल की बीमारी ने बढ़ाई चिंता
बठिंडा की रहने वाली 37 वर्षीय गुरप्रीत कौर भी इस योजना की लाभार्थियों में शामिल हैं। उनका जीवन सामान्य रूप से चल रहा था। वह अपने परिवार और घर की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहती थीं। उन्हें कभी यह अंदाजा नहीं था कि वह जन्म से ही हृदय संबंधी एक गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। कुछ समय पहले उनकी तबीयत खराब होने पर डॉक्टरों ने जांच की। जांच में पता चला कि उनके दिल के ऊपरी दोनों हिस्सों के बीच एक बड़ा छेद मौजूद है। मेडिकल भाषा में इस बीमारी को एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट (ASD) कहा जाता है।
डॉक्टरों ने बताया कि यह छेद करीब 22 मिलीमीटर का था, जिसके कारण हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। यदि समय रहते इसका इलाज नहीं किया जाता तो आगे चलकर यह समस्या हृदय विफलता जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकती थी।
इलाज के खर्च ने बढ़ाई परेशानी
बीमारी का पता चलने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई। एक तरफ स्वास्थ्य की गंभीर समस्या थी, वहीं दूसरी ओर इलाज का खर्च भी बड़ा सवाल बन गया। गुरप्रीत कौर बताती हैं कि जब उन्हें अपनी बीमारी के बारे में जानकारी मिली तो सबसे पहले इलाज के खर्च की चिंता हुई। परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि इतनी बड़ी रकम का इंतजाम कैसे होगा। उस समय उन्हें लगा कि जीवन एक कठिन मोड़ पर आकर खड़ा हो गया है। डॉक्टरों ने गुरप्रीत के इलाज के लिए विशेष प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी। इसके लिए उन्हें एम्स बठिंडा में भर्ती कराया गया। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पूरी जांच के बाद ऑपरेशन की तैयारी शुरू की।
5 मई 2026 को कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब में सामान्य एनेस्थीसिया के तहत प्रक्रिया की गई। इस दौरान डॉक्टरों ने एक विशेष डिवाइस की मदद से दिल के छेद को बंद किया। यह एक जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया थी, जिसमें कई तरह की चिकित्सकीय चुनौतियां सामने आ सकती थीं। हालांकि डॉक्टरों की विशेषज्ञता और आधुनिक तकनीक की मदद से ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ। उपचार के दौरान किसी प्रकार की बड़ी जटिलता सामने नहीं आई और गुरप्रीत की स्थिति में तेजी से सुधार होने लगा।
योजना ने बचाया लाखों रुपये का खर्च
गुरप्रीत कौर के परिवार के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना किसी वरदान से कम नहीं रही। इस योजना के तहत उनके इलाज पर आने वाला लगभग एक लाख रुपये का खर्च कवर किया गया। यदि यह सहायता नहीं मिलती तो परिवार को बड़ी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। योजना की वजह से उन्हें बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक दबाव के बेहतर इलाज मिल सका।
गुरप्रीत के पति बताते हैं कि ऑपरेशन के दौरान पूरा परिवार बेहद चिंतित था। सभी लोग अस्पताल के बाहर प्रार्थना कर रहे थे। जब डॉक्टरों ने ऑपरेशन सफल होने की जानकारी दी तो पूरे परिवार ने राहत की सांस ली।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताई योजना की अहमियत
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का मुख्य उद्देश्य यही है कि कोई भी व्यक्ति पैसे की कमी के कारण अच्छे इलाज से वंचित न रहे। उनके अनुसार, गुरप्रीत कौर का मामला इस बात का उदाहरण है कि समय पर चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहायता किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकती है। साथ ही यह परिवारों को आर्थिक संकट से भी सुरक्षित रखती है।
लाखों लोगों को मिल चुका है लाभ
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब तक 1.75 लाख से अधिक मरीजों को लाभ मिल चुका है। योजना के माध्यम से 3.43 लाख से ज्यादा उपचार किए जा चुके हैं। सरकार इस योजना पर अब तक 581.90 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। यह आंकड़े बताते हैं कि पंजाब सरकार राज्य के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
आज गुरप्रीत कौर की तरह हजारों लोग इस योजना की मदद से नया जीवन और बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना न केवल इलाज का खर्च कम कर रही है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को भरोसा और सुरक्षा भी प्रदान कर रही है।
Amit Kumar
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अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।

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