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राहुल गांधी का भाजपा पर तीखा प्रहार, बोले- देश में ‘‘गुस्से और नफरत" का बनाया माहौल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर देश में ‘‘गुस्से और नफरत का माहौल’’बनाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी का भाजपा पर तीखा प्रहार, बोले- देश में ‘‘गुस्से और नफरत का बनाया माहौल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर देश में ‘‘गुस्से और नफरत का माहौल’’बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह भारत और देश के लोगों के हितों के खिलाफ है।
राहुल ने कलपेट्टा में अपने कार्यालय का दौरा करने 
भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित विवादित बयान पर उच्चतम न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर वायनाड से कांग्रेस सांसद ने कहा कि शीर्ष अदालत ने सच कहा है, लेकिन देश का यह माहौल उस व्यक्ति से नहीं बना है, जिसने टिप्पणी की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह स्थिति केंद्र में सत्तारूढ़ राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन)सरकार ने बनाई है। राहुल ने कलपेट्टा में अपने कार्यालय का दौरा करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह माहौल प्रधानमंत्री ने, गृहमंत्री ने, भाजपा और आरएसएस ने बनाया है...यह माहौल गुस्से और नफरत का है। ईमानदारी से कहूं तो देश में बना यह माहौल राष्ट्र विरोधी गतिविधि है।’’ गौरतलब है कि राहुल के इस कार्यालय में पिछले सप्ताह एसएफआई कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की थी।
उच्चतम न्यायालय ने लगाई नुपूर शर्मा को फटकार
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ इस तरह का माहौल बनाना भारत और उसके लोगों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, ‘‘...यह पूरी तरह से गलत है और यह त्रासदी साबित होगी।’’उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी विभिन्न समुदायों के बीच सेतु का निर्माण कर लोगों को साथ लाती है, जबकि भाजपा और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) लोगों में ‘‘विभाजन पैदा’’कर रहे हैं। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से निलंबित नेता नुपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद के बारे में विवादित टिप्पणी को लेकर उन्हें शुक्रवार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उनकी (नुपुर की) ‘अनियंत्रित जुबान’ ने पूरे देश को आग में झोंक दिया। न्यायालय ने नुपुर शर्मा को अपनी इस टिप्पणी के लिए देश से माफी मांगने को भी कहा है।
न्यायालय ने शर्मा की विवादित टिप्पणी को लेकर विभिन्न राज्यों में दर्ज प्राथमिकियों को एक साथ जोड़ने संबंधी उनकी अर्जी स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने (शर्मा ने) पैगंबर मोहम्मद के बारे में टिप्पणी या तो सस्ता प्रचार पाने के लिए या किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत या किसी घृणित गतिविधि के तहत की। शीर्ष अदालत ने कहा कि उनका (शर्मा का) अपनी ‘‘जुबान पर काबू नहीं’’ है और उन्होंने ‘‘गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए हैं और वह 10 साल से वकील होने का दावा करती हैं। उन्हें अपनी टिप्पणियों के लिए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए थी।’’ टेलीविजन पर प्रसारित एक बहस के दौरान पैगंबर के बारे में की गई शर्मा की टिप्पणी के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हुए थे और कई खाड़ी देशों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। भाजपा ने बाद में शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

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