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'सर्वज्ञ' सरकार के अहंकार ने ला दिया आर्थिक संकट, लोकतांत्रिक भारत की आवाज दबाना जारी : राहुल गांधी

राहुल ने कहा कि "किसानों की चिंताओं से मुंह फेरकर सरकार ने संसद में सांसदों को निलंबित किया गया। इस 'सर्वज्ञ' सरकार के अंतहीन अहंकार ने पूरे देश के लिए आर्थिक संकट ला दिया है।"
'सर्वज्ञ' सरकार के अहंकार ने ला दिया आर्थिक संकट, लोकतांत्रिक भारत की आवाज दबाना जारी : राहुल गांधी
कृषि विधेयकों को लेकर राज्यसभा में रविवार को मचे हंगामे के बाद सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रियेन समेत आठ सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया गया। वहीं विपक्षी सदस्यों के निलंबन के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता ने केंद्र की मोदी सरकार को निरंकुश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को अलोकतांत्रिक तरीके से दबा रही है।
राहुल ने ट्वीट कर कहा कि  "लोकतांत्रिक भारत की आवाज दबाना जारी : शुरुआत में उन्हें चुप किया गया। वहीं बाद में काले कृषि कानूनों को लेकर किसानों की चिंताओं  से मुंह फेरकर सरकार ने संसद में सांसदों को निलंबित किया गया।  इस 'सर्वज्ञ' सरकार के अंतहीन अहंकार ने पूरे देश के लिए आर्थिक संकट ला दिया है।" बता दें राहुल का यह ट्वीट कई सांसदों को सदन से निंलबित करने के बाद किया गया है।
गौरतलब है कि  राज्यसभा में रविवार को जबरदस्त हंगामा होने के एक दिन बाद राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सोमवार को कई सांसदों को सदन से निंलबित कर दिया। ये वो सांसद हैं जिन पर संसद में हंगामा करने और सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप है। 
इस प्रस्ताव को संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने आगे बढ़ाया और सदन ने तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ'ब्रायन और डोला सेन, कांग्रेस के राजीव सातव, रिपुन बोरा, नासिर हुसैन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और के.के. रागेश और माकपा के ई. करीम को निलंबित कर दिया। राज्यसभा में ध्वनि मत से प्रस्ताव मंजूर किए जाने के बाद सदस्यों ने नारेबाजी की। 
इससे पहले, सभापति नायडू ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन है और 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'निंदनीय' है। उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया। नायडू ने उप सभापति का बचाव किया और कहा कि उपसभापति ने नियम का पालन किया है। 
रविवार को जब सदन में सांसदों को सदन की मर्यादा के साथ खिलवाड़ करते देखा गया, तृणमूल सांसद डेरेक आसन के पास पहुंच गए और नियम पुस्तिका का हवाला देते हुए माइक छीनने की कोशिश की। उन्होंने कृषि से जुड़े विधेयकों को काला कानून बताते हुए नियम पुस्तिका को फाड़ डाला। जिसके कारण सदन को थोड़ी देर के लिए स्थगित करना पड़ा।

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