+

राजस्थान : मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्व विभाग की सेवाओं का ई-लोकार्पण किया

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि राजस्व विभाग की आम लोगों के जीवन से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं का कम्प्यूटरीकरण एक क्रान्तिकारी पहल है।
राजस्थान : मुख्यमंत्री गहलोत ने राजस्व विभाग की सेवाओं का ई-लोकार्पण किया
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि राजस्व विभाग की आम लोगों के जीवन से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं का कम्प्यूटरीकरण एक क्रान्तिकारी पहल है। उन्होंने कहा कि भू-नामान्तरण, फसल रिपोर्ट, पंजीयन जैसे कामों के ऑनलाइन हो जाने से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को राजस्व विभाग के कार्यालयों में बार-बार चक्कर लगाने के परिश्रम से छुटकारा मिलेगा।
गहलोत राज्य के पहले राजस्व दिवस समारोह को आनलाइन संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राजस्व विभाग की अपना खाता, ई-फसल रिपोर्ट, कृषि ऋण रहन पोर्टल, ई-पंजीयन आदि सेवाओं का ई-लोकार्पण किया। उल्लेखनीय है कि 15 अक्टूबर 1955 को राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 लागू करके खेतीहर किसानों को भू-स्वामी घोषित किया गया था। राज्य सरकार ने इस दिन को प्रथम राजस्व दिवस के रूप में मनाया।

उदित राज ने कुंभ पर उठाए सवाल तो भड़की BJP ने कांग्रेस को बताया हिन्दू विरोधी 

मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा कि आज से शुरू हो रहा राजस्व दिवस इस विभाग के कैलेण्डर में एक महत्वपूर्ण दिन होगा। उन्होंने कहा कि अब हर वर्ष इस मौके पर राजस्व विभाग अपनी वर्षभर की उपलब्धियों और चुनौतियों का आकलन करेगा तथा भविष्य की गतिविधियों की योजनाबद्ध रूपरेखा तैयार करके उस पर काम करेगा।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट और सूचना तकनीक के दौर में विभाग की सेवाओं का कम्प्यूटरीकरण होने से पटवारी तथा गिरदावर स्तर के अधिकारियों के राजस्व और विशेषकर खेती से जुडे़ छोटे-छोटे कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे और इन अधिकारियों पर काम का बोझ भी घटेगा।
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने कहा कि बीते डेढ साल में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और निर्णयों में बदलाव से आखिरी पंक्ति में खड़े आम आदमी के कल्याण के लिए बेहतर वातावरण बना है।
राजस्व राज्यमंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि राजस्थान की कुल 338 तहसीलों में से 244 तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन हो गया है और 31 मार्च 2021 तक समस्त तहसीलों का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भू-राजस्व से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण के काम में गति आएगी।
facebook twitter instagram