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कोरोना केस के बढ़ते मद्देनजर राजस्थान सरकार सख्त, 17 मई तक बढ़ा कर्फ्यू, जारी किये दिशा-निर्देश

राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए राज्य में मौजूदा जन अनुशासन पखवाड़े को और सख्त करते हुए इसे 14 दिन और विस्तार दिए जाने का फैसला किया है।
कोरोना केस के बढ़ते मद्देनजर राजस्थान सरकार सख्त, 17 मई तक बढ़ा कर्फ्यू, जारी किये दिशा-निर्देश
राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए राज्य में मौजूदा जन अनुशासन पखवाड़े को और सख्त करते हुए इसे 14 दिन और विस्तार दिए जाने का फैसला किया है। इसके तहत अब 17 मई तक अनुमति प्राप्त दुकानों के अलावा सभी कार्यस्थल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान व बाजार बंद रहेंगे।
राज्य के गृह विभाग ने शुक्रवार देर रात इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए। इसके अनुसार, राज्य में कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशों के बाद गृह विभाग ने तीन मई से 17 मई तक ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा‘ घोषित किया है।नई गाइडलाइन के अनुसार, सात मई दोपहर 12 बजे से 10 मई प्रातः पांच बजे तक व 14 मई दोपहर 12 बजे से 17 मई प्रातः 5 बजे तक ‘वीकेंड कर्फ्यू' रहेगा जबकि सोमवार से शुक्रवार प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से अगले दिन प्रातः पांच बजे तक सम्पूर्ण प्रदेश में ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन कर्फ्यू रहेगा।
इस कर्फ्यू के दौरान अनुमत श्रेणी के अलावा अन्य कोई व्यक्ति बिना किसी कारण के घूमता हुआ पाया गया तो उसे संस्थागत पृथक-वास में भेज दिया जाएगा।हालांकि, इस दौरान सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ, किराने का सामान, आटा चक्की, पशुचारे से संबंधित थोक व खुदरा दुकानें सोमवार से शुक्रवार तक प्रातः 6 से प्रातः 11 बजे तक ही खुल सकेंगी।किसानों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कृषि आदान विक्रेताओं की दुकानें/परिसर सोमवार व बृहस्पतिवार को इसी अवधि में खुलने की अनुमति होगी।
ठेले, साइकिल, रिक्शा, ऑटो रिक्शा एवं मोबाइल वैन के माध्यम से सब्जियों एवं फलों का विक्रय प्रतिदिन प्रातः छह बजे से शाम पांच बजे तक की सीमा में अनुमत होगा। जबकि डेयरी व दूध की दुकानों को प्रतिदिन प्रातः छह से प्रातः 11 व शाम पांच से शाम सात बजे तक खोलने की अनुमति होगी।मिठाई, बेकरी व रेस्त्रां इत्यादि दुकानें नहीं खोली जा सकेंगी। केवल होम डिलीवरी की सुविधा रात्रि आठ बजे तक ही अनुमत होगी। विवाह समारोह में अब 50 की जगह 31 व्यक्ति ही शामिल होंगे और विवाह समारोह केवल एक ही कार्यक्रम के रूप में अधिकतम तीन घंटे तक आयोजित किया जा सकेगा।निर्दशों में यह भी परामर्श दिया गया है कि ‘महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा‘ के दौरान शादी-समारोह का आयोजन स्थगित कर इन्हें बाद में आयोजित किया जाए ताकि संक्रमण पर रोक लगाई जा सके।वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को हालात की समीक्षा करते हुए कहा कि बढ़ते हुए संक्रमण के इस दौर में अत्यधिक सतर्कता रखने का समय है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने शुक्रवार रात को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राज्य में ऑक्सीजन, टैंकर, आक्सीजन सांद्रक, रेमडेसिविर, टोसिलीजुमेब दवा सहित अन्य संसाधनों की उपलब्धता को लेकर समीक्षा की।गहलोत ने मुख्य सचिव सहित कोविड प्रबंधन में लगे नोडल अधिकारियों से संसाधनों की उपलब्धता को लेकर जानकारी ली तथा प्रयास और तेज करने के निर्देश दिए।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने 19 अप्रैल (सोमवार) प्रात: पांच बजे से तीन मई प्रात: पांच बजे तक सम्पूर्ण राज्य में जन अनुशासन पखवाड़ा लागू किया था जिसके तहत अनिवार्य सेवाओं को छोड़कर बाकी दुकानें व प्रतिष्ठान पहले से ही बंद हैं।

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