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राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, निकाय चुनाव की घोषणा से कार्यवाई पर कितना पड़ेगा असर

राजस्थान में 309 नगर निकायों के चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। इसका सीधा असर विधानसभा के मानसून सत्र पर पड़ेगा, जिससे यूसीसी और खेजड़ी संरक्षण जैसे प्रमुख विधेयक अटक सकते हैं।
11:36 AM Aug 20, 2026 IST | Rohit Singh
राजस्थान में 309 नगर निकायों के चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। इसका सीधा असर विधानसभा के मानसून सत्र पर पड़ेगा, जिससे यूसीसी और खेजड़ी संरक्षण जैसे प्रमुख विधेयक अटक सकते हैं।
राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र शुरू  निकाय चुनाव की घोषणा से कार्यवाई पर कितना पड़ेगा असर
source : social media

Rajasthan Assembly News : राजस्थान विधानसभा की 16वीं विधानसभा का छठा (मानसून) सत्र आज गुरुवार, 20 अगस्त 2026 से सुबह 11 बजे शुरू हो गया है। इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं, जिसमें कई अहम विधेयकों को पेश किया जाना है और विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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हालांकि, विधानसभा की कार्यवाही के साथ-साथ राज्य में सियासी सरगर्मी इसलिए भी तेज हो गई है क्योंकि लंबे समय से टल रहे नगर निकाय चुनावों की घोषणा हो चुकी है। चुनाव की घोषणा के बाद लागू हुई आचार संहिता का सीधा असर मानसून सत्र पर पड़ना तय माना जा रहा है।

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आचार संहिता के कारण अहम बिल अटकने के आसार

शहरी निकायों में चुनावी बिगुल बजने के बाद अब सरकार के लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) और खेजड़ी वृक्ष संरक्षण से जुड़े ट्री बिल जैसे अहम प्रस्तावों को इस सत्र में पारित कराना मुश्किल होगा। हालांकि, रणनीति के तहत इन विधेयकों को सदन की मेज पर रखा जा सकता है, लेकिन इन्हें पास कराने के लिए नवंबर के अंत में दोबारा सत्र बुलाने की तैयारी हो सकती है। फिलहाल यह मानसून सत्र दो दिन चलने की संभावना है।

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309 निकायों में 10,245 पार्षदों का होगा चुनाव

राज्य निर्वाचन आयोग की घोषणा के साथ ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में नए विकास कार्यों की घोषणा और नए वर्क ऑर्डर जारी करने पर रोक लग गई है।

हालांकि, पहले से जारी कार्य तय कार्यक्रम के तहत चलते रहेंगे। राज्य के 309 निकायों, जिनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाएं शामिल हैं, में कुल 10,245 वार्ड पार्षदों के चुनाव के बाद मेयर, सभापति और अध्यक्षों का चुनाव होगा।

आरक्षण और हाईकोर्ट का आदेश

हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद शुरू हुई इस चुनावी प्रक्रिया में आरक्षण व्यवस्था भी तय कर दी गई है। कुल 10,245 वार्डों में से 3,356 पद महिलाओं के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। वहीं, निकाय प्रमुखों के 60 पद ओबीसी, 50 पद एससी और 11 पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

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Rohit Singh

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रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।

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