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Rajasthan: क्लास में पढ़ रहे थे 120 बच्चे , तभी गिरी स्कूल की जर्जर छत, टला बड़ा हादसा!

Rajasthan School Roof Collapse: राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सत्तु देवकी स्थित अपर प्राइमरी स्कूल में जर्जर कमरे की छत अचानक गिर गई। हादसे के वक्त स्कूल में 120 बच्चे पढ़ रहे थे, लेकिन कमरा एक साल से बंद था। इसे असुरक्षित घोषित किया गया था, इसलिए कोई बच्चा या शिक्षक घायल नहीं हुआ। अधिकारी मौके पर पहुंचे।
05:18 PM Aug 25, 2026 IST | Amit Kumar
Rajasthan School Roof Collapse: राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सत्तु देवकी स्थित अपर प्राइमरी स्कूल में जर्जर कमरे की छत अचानक गिर गई। हादसे के वक्त स्कूल में 120 बच्चे पढ़ रहे थे, लेकिन कमरा एक साल से बंद था। इसे असुरक्षित घोषित किया गया था, इसलिए कोई बच्चा या शिक्षक घायल नहीं हुआ। अधिकारी मौके पर पहुंचे।
rajasthan  क्लास में पढ़ रहे थे 120 बच्चे   तभी गिरी स्कूल की जर्जर छत   टला बड़ा हादसा
Rajasthan School Roof Collapse ( credit social media)

Rajasthan School Roof Collapse: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा होने से बच गया। दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सत्तु देवकी स्थित अपर प्राइमरी स्कूल में जर्जर पड़े एक कमरे की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। घटना के समय स्कूल में करीब 120 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। राहत की बात यह रही कि जिस कमरे की छत गिरी, उसे पहले से ही असुरक्षित घोषित कर बंद कर दिया गया था। इसलिए उस कमरे में कोई बच्चा या शिक्षक मौजूद नहीं था।

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,   सत्तु देवकी ग्राम पंचायत के अपर प्राइमरी स्कूल में रोज की तरह कक्षाएं चल रही थीं। स्कूल में करीब 120 विद्यार्थी पढ़ते हैं। सभी बच्चे अपने-अपने कमरों में बैठे थे और टीचर  उन्हें पढ़ा रहे थे। इसी दौरान स्कूल परिसर में लंबे समय से बंद पड़े एक जर्जर कमरे की छत अचानक गिर गई। छत गिरने की तेज आवाज से स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। आवाज सुनते ही बच्चे और टीचर अपने कमरों से बाहर निकल आए। बाहर आकर देखा गया कि स्कूल के दो जर्जर कमरों में से एक की छत पूरी तरह ढह चुकी थी।

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एक साल से बंद था कमरा

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि  जिन कमरों की हालत खराब थी, उनमें बच्चों को बैठाना पहले ही बंद कर दिया गया था। करीब एक साल से इन कमरों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। स्कूल में कुल 10 कमरे हैं, जिनमें से दो कमरे काफी जर्जर हो चुके हैं। उनकी स्थिति को देखते हुए दोनों कमरों को असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। इसी वजह से हादसे के समय बच्चे उस कमरे में मौजूद नहीं थे। अगर जर्जर कमरे में क्लास चल रही होती  तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। समय रहते कमरे को बंद करने के फैसले से बड़ा हादसा टल गया।

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घटना के बाद स्कूल के टीचरों  ने तुरंत इसकी जानकारी PEEO पंकज वर्मा को दी। सूचना मिलते ही PEEO मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही CBO दीपक शाह ने भी स्कूल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से जर्जर कमरों और भवन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। स्कूल प्रबंधन ने बताया कि दो कमरों की हालत पहले से खराब थी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनका इस्तेमाल पूरी तरह रोक दिया गया था।

एक और कमरे की छत भी खराब

CBO दीपक शाह के अनुसार, स्कूल में एक और  कमरे की छत भी जर्जर हालत में है। उसकी मरम्मत और नई छत डालने के लिए संबंधित स्तर पर प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि मंजूरी मिलने के बाद इन कमरों की मरम्मत का काम जल्द शुरू कराया जाएगा।

फिलहाल स्कूल प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जर्जर भवन का एक हिस्सा गिरने के बाद स्कूल परिसर में बाकी कमजोर हिस्सों की भी जांच जरूरी मानी जा रही है। लेकिन, राहत की बात यही है कि छत गिरने की घटना के दौरान किसी छात्र या शिक्षक के घायल होने की सूचना नहीं है।

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Amit Kumar

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अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।

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