जैसलमेर के डम्पिंग यार्ड में 300+ मृत गायों के शव खुले में मिले, हरकत में प्राशासन, ठेकेदार को नोटिस जारी
Rotting cow carcasses in Jaisalmer Dumping Yard : राजस्थान के जैसलमेर शहर से कुछ दूर बड़ाबाग क्षेत्र स्थित डंपिंग यार्ड घनघोर लापरवाही का मामला उजागर हुआ है. यह इलाका आबादी वाला क्षेत्र है यहां आसपास के ग्रामीण इस डंपिंग यार्ड का विरोध लम्बे समय से कर रहे थे, जिसमें बीते लोकसभा चुनाव में बड़ाबाग के ग्रामीणों द्वारा मतदान का बहिष्कार कर आपत्ति जताई गई, आज यही डंपिंग यार्ड फिर चर्चा में आ गया है.
मामला मृत गोवंश के शवों का है. जिसको लेकर लोगों में काफी आक्रोश है और लोगों की इस प्रतिक्रिया के बाद नगर परिषद आयुक्त द्वारा भी ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है. बता दें, नगर परिषद के इस डंपिंग यार्ड में करीब 300 से ज्यादा मृत गायें खुले में पड़ी मिलीं.
कार्रवाई की मांग

हैरान करने वाली बात यह है कि नगरपरिषद के इस डंपिग यार्ड में गोवंश के शवों को खुले में बिखरा छोड़ने का मामला सामने आया है. दरअसल 2 दिन पहले श्री करनी गौ रक्षा सेवा दल के अध्यक्ष हाकम दान ने इस डंपिंग यार्ड में मृत गोवंश शवों को लेकर एक वीडियो पोस्ट की थी जो वायरल हुई थी.
अपनी वीडियो में उन्होंने शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी से खुले में पड़े गोवंश के शवों को लेकर मौके पर पहुंचने और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की थी.
हरकत में प्रशासन
अब इस मामले में नगर परिषद् ने कार्रवाई की है. परिषद आयुक्त लजपालसिंह सोढा की ओर से मृत पशुओं के शव उठाने वाले ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मृत पशुओं का समयबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाना चाहिए था. लेकिन इसमें गंभीर अनियमितता सामने आई है.
ठेकेदार को नोटिस
हालांकि अब प्रशासन चाहे जितनी कार्रवाई कर ले, मगर उसकी निगरानी व्यवस्था की कलह जरूर खुल गई है. हालांकि इस मामले में मृत पशुओं के उठाव और हड्डी निस्तारण कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. जारी नोटिस में कहा गया है कि मृत पशुओं को खुले में फेंके जाने से वातावरण दूषित हो रहा है और स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है.
नोटिस में इस बात का भी उल्लेख है कि पूर्व में मृत पशुओं को डंपिंग यार्ड में गड्ढा खोदकर दबाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की जा रही है. साथ में ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि वे नोटिस के संबंध में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं बरते.

Join Channel