SC/ST का आरक्षण बना रहेगा, एंग्लो-इंडियन के आरक्षण के लिए दरवाजे बंद नहीं हुए : रविशंकर प्रसाद

04:00 PM Dec 10, 2019 | Pinki Nayak
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संसद एवं राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जाति और जनजाति (एससी/एसटी) के आरक्षण को 10 साल के लिए बढ़ाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील करते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि इन दोनों वर्गों के लिए आरक्षण बना रहेगा। ‘संविधान(एक सौ छब्बीस संशोधन) विधेयक-2019’ को चर्चा एवं पारित कराने के लिए सदन में रखते हुए उन्होंने यह भी कहा कि एंग्लो-इंडियन के आरक्षण का प्रस्ताव अभी नहीं आया है, लेकिन इसके लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। 
दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विधि मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एंग्लो-इंडियन समुदाय को संसद और विधानसभा में मिले आरक्षण को बरकरार रखा जाए तथा इस वर्ग की सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक स्थिति का पता करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए। 

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बहरहाल, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने एससी/एसटी के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी और इसके 70 वर्षों के दौरान हर एक दशक पर आगे बढ़ाया गया। वर्तमान में 10 साल की मियाद 25 जनवरी, 2020 को पूरी हो रही है, ऐसे में यह विधेयक लाया गया है ताकि इसे 25 जनवरी, 2030 तक बढ़ाया जा सके। 
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक कारणों से एससी/एसटी के साथ भेदभाव हुआ, उसी के मुआवजे के रूप में आरक्षण की व्यवस्था की गई। यह हम सबका कर्तव्य है कि हम इन समुदायों के सशक्तीकरण के लिए प्रयास करें। मंत्री ने कहा कि लोकसभा में अनुसूचित जाति के लिए 84 तथा विधानसभाओं में 614 सीटें और जनजाति के लिए 47 सीटें तथा विधानसभाओं 554 सीटें आरक्षित हैं। 
प्रसाद ने कहा कि 2011 की जनगणना की मुताबिक देश में सिर्फ 296 एंग्लो-इंडियन हैं। इस विधेयक में इनके लिए आरक्षण का प्रस्ताव नहीं है, लेकिन इस पर विचार किया जाएगा। अभी इनके लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के हिबी ईडेन ने कानून मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि इनकी जो संख्या बतायी गई है, वह सत्य नहीं है और कहीं अधिक है। 
उन्होंने कहा कि एंग्लो-इंडियन का देश के विकास में बड़ा योगदान रहा है और उनके लिए आरक्षण बरकरार रहना चाहिए। ईडेन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एससी/एसटी के लिए आरक्षण की पक्षधर है और इसे 10 साल के लिए बढ़ाए जाने का पूरा समर्थन करती है। उन्होंने यह भी कहा कि एंग्लो-इंडियन वर्ग के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक स्थिति का पता करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए।