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महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर रेलवे ने तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की ढुलाई के लिए बनाई नीति

महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध के बाद रेलवे ने क्रायोजेनिक टैंकरों में तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की ढुलाई के लिए एक नीति तैयार की।
महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर रेलवे ने तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की ढुलाई के लिए बनाई नीति
महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध के बाद रेलवे ने क्रायोजेनिक टैंकरों में तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की ढुलाई के लिए एक नीति तैयार की। देश में महाराष्ट्र कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में एक है। देर रात जारी की गई नीति में कहा गया है कि क्रायोजेनिक टैंकरों को राज्यों के विभिन्न गंतव्यों के लिए ‘रोल ऑन-रोल ऑफ’ (रो-रो) सेवा के लिए भुगतान रूप में ले जाया जाएगा।
परिपत्र में कहा गया है कि महाराष्ट्र के स्वास्थ्य सचिव ने क्रायोजेनिक कंटेनरों से चिकित्सा ऑक्सीजन की ढुलाई के लिए अनुरोध किया था। परिपत्र में कहा गया है,‘‘इस मामले का परीक्षण किया गया। सक्षम प्राधिकार ने क्रायोजेनिक कंटेनरों से तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन की ढुलाई की मंजूरी दी।’’ परिपत्र में इस सेवा के लिए लगने वाले शुल्क का भी ब्योरा है। 
इस सप्ताह के प्रारंभ में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि राज्य में चिकित्सीय ऑक्सीजन की कमी है और उन्होंने इस मुद्दे के निराकरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहयोग मांगा था। कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ने के बीच प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को देश में पर्याप्त मेडिकल श्रेणी ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समग्र समीक्षा की थी और उसके उत्पादन को बढ़ाने का आह्वान किया था। 
देश के कई हिस्सों में कोविड-19 की दूसरी लहर के शिखर पर पहुंच जाने के बीच चिकित्सा ऑक्सीजन की मांग बढ़ गयी है क्योंकि यह इसके मरीजों के उपचार में अहम तत्व है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि एक दिन में 2,34,692 नये मामले आने और 1,341 मरीजों की मौत हो जाने से देश में संक्रमितों एवं मृतकों की संख्या 1,45,26,609 और 1,75,649 हो गयीं। फिलहाल देश में 16 लाख से अधिक मरीज उपचाररत हैं।
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