साइना, ​सिंधू की निगाहें पदक पर

नैनिंग : शीर्ष शटलर पीवी सिंधू और साइना नेहवाल रविवार से यहां शुरू होने वाले प्रतिष्ठित सुदीरमन कप में भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगी जिसमें भारत की पदक की उम्मीद जारी रहेगी। भारत 2011 और 2017 दो चरण में इस टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल तक पहुंचा लेकिन अंतिम आठ चरण से आगे नहीं बढ़ सका। भारतीयों को सुनिश्चित करना होगा कि वे मजबूत चीन के सामने कोई कोर कसर नहीं छोड़े और 2009 सेमीफाइनल में पहुंची मलेशिया के खिलाफ शुरूआती झटके से बचे ताकि वह ग्रुप-1डी से क्वालीफाई कर सके।

मिश्रित टीम चैम्पियनशिप के दौरान भारत की उम्मीद बेहतरीन एकल खिलाड़ियों पर निर्भर पर होगी जिसमें मौजूदा बीडब्ल्यूए विश्व टूर फाइनल्स विजेता पीवी सिंधू, 2019 इंडोनेशिया मास्टर्स चैम्पियन साइना नेहवाल, 2019 इंडिया ओपन फाइनल में पहुंचे किदाम्बी श्रीकांत और बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स के सेमीफाइनल में पहुंचे समीर वर्मा शामिल है।

भारत पहले सोमवार को मलेशिया की चुनौती पार करने की कोशिश करेगा जिसके बाद अगले दिन उसका सामना मजबूत 10 बार की चैम्पियन चीन से होगा। इस बार 13-सदस्यीय भारतीय टीम को आठवीं वरीयता मिली है और टीम मलेशिया पर शानदार जीत से प्रेरणा लेना चाहेगी जिससे उसने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में टीम स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाला। दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी ली चोंग वेई इस बार नहीं खेलेंगे तो भारतीय दल मलेशिया के खिलाफ मौके का फायदा उठा सकता है जिसमें पुरूष एकल की जिम्मेदारी ली जि जिया के कंधों पर है।

महिला एकल में गोह जिन वेई या सोनिया चिया मलेशियाई चुनौती की अगुवाई करेंगी लेकिन सिंधू या साइना के खिलाफ उनके मजबूत प्रदर्शन की संभावना नहीं है। मलेशिया को अच्छा प्रदर्शन करने के लिये अपने युगल वर्ग में बेहतर करना होगा तभी वह नाकआउट में पहुंचने की उम्मीद कर सकती है। चोट के बाद सत्विकसाईराज रैंकीरेड्डी की वापसी से भारत को पुरूष युगल और मिश्रित युगल में उम्मीद होगी। पिछले चरण में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1989 की विजेता इंडोनेशिया को हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया था, जहां उन्हें उप विजेता रही चीन से हार का सामना करना पड़ा।

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