+

सलाम....

सलाम....
आज सारा विश्व कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहा है। चारों तरफ भय का वातावरण है। न जाने कब किसकी बारी आ जाए। इस समय सभी चाहे वो सरकार हो, सामाजिक संस्थाएं,  डाक्टर, पुलिस, सेना या अर्द्धसैनिक बल हों, सब आगे आकर लोगों काे सेवाएं दे रहे हैं। यही नहीं जब भारत में केस बढ़ रहे थे तो चीन ने भी अपना रूप दिखाया। विश्वासघात वाला रूप जो उसकी पुरानी आदत है, परन्तु अब वह गलती कर रहा है।

अब भारत पुराने वाला नहीं है, नया भारत है जिसका प्रधानमंत्री सरहद पर जाकर ललकार कर आता है, अपने फौजियों का हौंसला बढ़ाता है। हम अपने देश के सभी पुलिस बल, अर्द्धसैनिक बल, सेना और बीएसएफ को सलाम करते हैं। उनके आगे नतमस्तक होते हैं।

खासकर हमारी पुलिस बहुत बदनाम थी, परन्तु कोरोना के समय उनका अच्छा रूप सारे देशवासियों के सामने आया है। इसमें कोई शक नहीं कि कहीं-कहीं अभी भी इनके विरुद्ध आवाज उठती है क्योंकि हर वर्ग चाहे वह किसी समाज का हो, नेताओं या पुलिस का, हर वर्ग में कुछ बुरे लोग भी होते हैं परन्तु इन चंद बुरे लोगों के कारण सबको बुरा नहीं ठहराया जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने तो कोरोना समय में अपनी छवि, अपने सम्मान को बुलंदियों पर पहुंचा दिया है।

उन्होंने हर क्षेत्र में बढ़-चढ़ कर लोगों की मदद की।  मैं पिछले 15 सालों से बुजुर्गों के लिए काम करती हूं तो मुझे बुजुर्गों की कई घटनाएं मालूम हैं कि कैसे उनकी पुलिस ने घर-घर जाकर मदद की क्योंकि यह समय सबसे ज्यादा मुश्किल बुजुर्गों के ​लिए है, खासकर ​जिनके बच्चे उनके पास नहीं हैं, उनके लिए तो पुलिस  कर्मी फरिश्ते बनकर काम कर रहे हैं।

दिल्ली के कृष्णा नगर थाना इलाके में एक कालोनी है शंकर नगर एक्सटेंशन, जहां 71 वर्ष की एक सीनियर सिटीजन प्रकाशी देवी रहती हैं और वह कई दिनों से बीमार चल रही थीं। उनके घर में उनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं था। उनके पति श्री पूरण चंद गिरि भी 73 साल के हैं। यह दम्पति बहुत परेशान था। जैसे ही पिछले हफ्ते उनके पड़ोसियों को  पता चला तो उनकी रेजिडेंट वैलफे​यर एसोसिएशन ने कृष्णा नगर थाना पहुंचकर एसएचओ राजकुमार शाह को सारी बात बताई। उन्होंने तुरन्त अपनी जिप्सी और स्टाफ को साथ लेकर बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया। जिनको इलाज की बहुत जरूरत थी। इसे कहते हैं वर्दी की ड्यूटी और वर्दी का सम्मान तथा इंसानियत के सच्चे फरिश्ते। आज यह महिला ठीक होकर अपने घर में वापस आ चुकी है।

दिल्ली वालों को पुलिस पर भरोसा करना चाहिए और जब पुलिस कहती है कि आप घर पर रहिये, मास्क पहनिये और हैलमेट पहनकर चलिये तो यह हमारे लिए अच्छी बातें ही हैं। अभी हफ्ता पहले ही एक अस्सी साल की बुजुर्ग मालवीय नगर में अपने घर पर मृत पायी गई। शव से बदबू आ रही थी लेकिन यहां भी जब पड़ोसियों ने पुलिस को इ​ित्तला दी तो पुलिस मौके पर पहुंची और उसके बारे में सब कुछ पता लगाकर उसके बच्चों से बात करके पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंपा।

आप देखिये कि पुलिस की भूमिका हर जगह कितनी महत्वपूर्ण और कितनी संवेदनशील होती है। सही मायनों में दिल्ली पुलिस कोरोना वारियर है। इसी तरह ख्याला के विष्णु गार्डन में एक महिला के घर से ज्वैलरी चोरी हो गई जिसने यह सामान चुराया उसने यह जवाहरात एक सुनार को बेच दिये थे परंतु यहां भी पुलिस ने शानदार ड्यूटी करते हुए ज्वैलरी उस बुजुर्ग महिला को वापस दिलवाई और चोरों को पकड़ा।

कहने का मतलब यह है कि पुलिस पर भरोसा करना ही होगा। कानून और पुलिस जब एक-दूसरे के पूरक बन जाते हैं तो फिर न सिर्फ सही इंसाफ मिलता है बल्कि इंसानियत की इबारत भी लिखी जाती है। आजकल कोरोना के दिनों में मैं हर किसी से यही अपील करूंगी कि एक पड़ोसी दूसरे पड़ोसी का ध्यान रखे।  इस समय बुजुर्गों में प्यार, अपनेपन का अहसास आैर सुरक्षित होने की भावना पैदा करना बहुत जरूरी है।

जैसे कि हमारे वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब के सभी सदस्य हैं, मेरा हमेशा प्रयास रहता है कि वे इस विश्वास से जिये कि वह किसी से कम नहीं। अपनी जिन्दगी को मर्यादा में रहकर वह इंज्वाय कर सकते हैं, परन्तु कोरोना के समय वे अपने आपको समाज से कटा न महसूस करें, इसके लिए मैं डाक्टर और गीतकारों के साथ वेबिनार करवा रही हूं और आनलाइन प्रतियोगिता भी शुरू की है जिसमें कोई भी वरिष्ठ नागरिक, जो 60 से ऊपर है, चाहे वह 80-90 साल का है, वह भी अपनी वीडियो अपने मनपसंद गीत, गाने पर रैम्प वॉक करते हुए या डांस करते हुए भेज सकते हैं।

सच मानो तो यह उनके लिए एक्सरसाइज है। तैयार होने का बहाना है और एक्टिव रहने का तरीका है। परिवार से जुड़ने का भी एक तरीका है। जब वह अपने बहू-बेटे, पोते-पोतियों से वीडियो बनवाते हैं। जब उनकी वीडियो आती है तो मेरा मन भी उनके प्रयास और प्रतियोगिता जीतने के जुनून को देखकर बहुत ही खुश होता है, इसलिए यह प्रतियोगिता मैंने अपने क्लब के सदस्यों के साथ सभी वरिष्ठ नागरिकों, चाहे वे सदस्य नहीं हैं, उनके लिए भी ओपन कर दी है।

वह भी अपनी वीडियाे 9811030309 पर व्हाट्सएप पर भेज सकते हैं। वे मेरे लिए, हमारे जजेस के पैनल के लिए हीरो-हेरोइन से कम नहीं हैं। हमारे जजेस यंग बहू-बेटियां अमेरिका, आस्ट्रेलिया, लंदन, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से हैैं जो बिल्कुल निष्पक्ष निर्णय करेंगी। 

facebook twitter