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चंदा कोचर को SC ने दिया बड़ा झटका, बॉम्बे HC के फैसले के खिलाफ चुनौती वाली दायर याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने चंदा कोचर को एक बड़ा झटका दिया, मंगलवार को बंबई हाई कोर्ट को चुनौती वाली याचिका को खारिज कर दिया।
चंदा कोचर को SC ने दिया बड़ा झटका, बॉम्बे HC के फैसले के खिलाफ चुनौती वाली दायर याचिका खारिज
बंबई हाई कोर्ट ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर की उनके पद से हटाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी चंदा कोचर को एक बड़ा झटका दें दिया है, मंगलवार को आईसीआईसीआई की पूर्व सीईओ चंदा कोचर की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने बैंक से उन्हें बर्खास्त करने के खिलाफ दायर अर्जी को बंबई हाई कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हमें माफ कीजिए, हम हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने को इच्छुक नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला निजी बैंक और कर्मचारी के बीच का है। पीठ चंदा कोचर की अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसमें उन्होंने बंबई हाई कोर्ट द्वारा 5 मार्च को दिए आदेश को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने आईसीआईसीआई बैंक के प्रबंधक निदेशक और सीईओ पद से बर्खास्त करने के खिलाफ अर्जी खारिज कर दी थी और साथ ही कहा था कि यह विवाद कार्मिक सेवा की संविदा से उत्पन्न हुआ है।
इस साल मार्च में बंबई हाई कोर्ट ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर की उनके पद से हटाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद चंदा कोचर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाई कोर्ट ने भी यही कहा कि कोचर से जुड़ा विवाद अनुबंध पर आधारित है और यह एक निजी संस्था का विषय है।दरअसल, चंदा कोचर को देश के दूसरे सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक से उनके बैंक को छोड़ने के कुछ महीनों बाद नौकरी से निकाल दिया गया था। अपने नौकरी से निकाले जाने के निर्णय को चुनौती देते हुए कोचर ने 30 नवंबर 2019 को हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 
चंदा कोचर के वकील विक्रम नानकनी ने दलील दी थी कि बैंक ने कोचर के स्वैच्छिक इस्तीफे को 5 अक्टूबर 2018 को स्वीकार कर लिया था। इसलिए बाद में उन्हें नौकरी से निकाला जाना अवैध है। चंदा कोचर ने अपनी याचिका में यह भी कहा था कि बैंक ने उनका वेतन और अप्रैल 2009 से मार्च 2018 के बीच मिले बोनस और शेयर विकल्प आय को भी देने से मना कर दिया। कोचर पर आरोप है कि उन्होंने वीडियोकॉन समूह को अवैध तरीके से 3,250 करोड़ रुपये का ऋण देने में कथित भूमिका अदा की और इससे उनके पति दीपक कोचर को इससे लाभ हुआ।
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