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हैदराबाद पहुंचा रुसी वैक्सीन SPUTNIK V का दूसरा जत्था, कोरोना महामारी के नए वेरिएंट पर भी प्रभावी

रूस द्वारा निर्मित कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी की दूसरी खेप आज भारत पहुंच गई है। रविवार को हैदराबाद में वैक्सीन का दूसरा जत्था उतारा गया।
हैदराबाद पहुंचा रुसी वैक्सीन SPUTNIK V का दूसरा जत्था, कोरोना महामारी के नए वेरिएंट पर भी प्रभावी
रूस द्वारा निर्मित कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी की दूसरी खेप आज भारत पहुंच गई है। रविवार को हैदराबाद में वैक्सीन का दूसरा जत्था उतारा गया। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि यह वैक्सीन जल्द ही बाजारों में मिलनी शुरू हो जाएगी। बता दें कि रूस की बनाई इस वैक्सीन की करीब डेढ़ से 2 लाख खुराके भारत को मिल गई हैं। भारत में रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने बताया, ''स्पूतनिक-वी वैक्सीन का दूसरा बैच हैदराबाद में लैंड हो गया है। रूस के विशेषज्ञों ने इस बात की घोषणा करते हुए कहा है कि ये कोविड-19 के नए स्ट्रेन के खिलाफ भी कारगर है।''
स्पुतनिक वी दुनिया के सबसे बड़े कोरोना टीकाकरण अभियान में योगदान देने वाला और भारत में इस्तेमाल होने वाला पहला विदेशी निर्मित टीका बन गया है। हैदराबाद में स्पुतनिक वी के साथ टीकाकरण शुक्रवार से शुरू हुआ और 1 मई, 2021 को भारत में वैक्सीन के पहले बैच का आगमन हुआ था जिसमें भारत को डेढ़ लाख खुराके प्राप्त हुई थीं। राजदूत कुदाशेव ने कहा कि रूसी पक्ष द्वारा पिछले महीने दी गई जीवन-रक्षक मानवीय सहायता का उपयोग भारतीयों को बीमारी से उबरने में मदद करने के लिए सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "यह वास्तव में विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी का एक शानदार उदाहरण है और अंतरराष्ट्रीय महामारी विरोधी सहयोग का एक प्रभावी मॉडल है जो किसी भी अनावश्यक बाधाओं को बीच में आने नहीं देता है।" कुदाशेव ने भारतीय टीकाकरण अभियान में रूसी वैक्सीन के हालिया लॉन्च के बाद स्पुतनिक वी वैक्सीन के दूसरे बैच की डिलीवरी को लेकर कहा कि यह एकदम सही समय पर पहुंची है। बता दें कि देश में एक दिन में 3,11,170 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद कोविड-19 के मामले बढ़कर 2,46,84,077 हो गए हैं, जबकि 4,077 और मरीजों की मौत होने के बाद मृतक संख्या बढ़कर 2,70,284 हो गई है। 
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