मोहिंदर पाल बिट्टू की हत्या के बाद पंजाब में बढ़ाई गई सुरक्षा

डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मोहिंदर पाल बिट्टू की जेल में हत्या होने के बाद सांप्रदायिक हिंसा की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने रविवार को पंजाब के कई हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी। बिट्टू बरगाड़ी में 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान स संबंधित मामले में प्रमुख संदिग्धों में से एक था। 

पुलिस ने कहा कि घटना शनिवार शाम को घटी जब पटियाला के निकट उच्च सुरक्षा वाली नभा जेल में बिट्टू पर दो कैदियों ने हमला कर दिया। बाद में उसे स्थानीय सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन उसकी मौत रास्ते में ही हो चुकी थी। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने जनता से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और हर कीमत पर शांति कायम रखने की अपील की है। 

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "पोस्टमार्टम के बाद बिट्टू का शव उसके गृह नगर कोटकापुरा पहुंच गया जहां रविवार को उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।" उन्होंने कहा कि परिजनों की इच्छा के अनुसार, शव को डेरा सच्चा सौदा के 'नाम चर्चा घर' में रखा गया है जहां बड़ी संख्या में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी पहुंचे। कोटकापुरा में डेरा के काफी अनुयायी हैं। 

प्राथमिक जांच के अनुसार, मोहिंदर पाल बिट्टू (49) को कथित रूप से गुरसेवक सिंह और मनिंदर सिंह ने लोहे की छड़ से पीटा था। दोनों आरोपी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। बिट्टू के परिवार में उसके दो बेटे और एक बेटी हैं। फरीदकोट जिला के कोटकापुरा नगर का बिट्टू 2017 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा के पंचकूला नगर में हिंसा फैलाने समेत धर्म ग्रंथ की बेअदबी के कई मामलों में वांछित था। उसे हिमाचल प्रदेश के पालमपुर के विशेष जांच दल ने 2018 में गिरफ्तार किया था। 

मुख्यमंत्री ने शनिवार को बिट्टू पर हुए हमले की जांच का आदेश दिया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) रोहित चौधरी जांच समिति की अगुआई करेंगे और तीन दिन के अंदर रिपोर्ट दाखिल करेंगे। मुख्यमंत्री ने हमले के बाद सभी संप्रदायों से शांति कायम रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए पंजाब में सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा दी जाएगी। 

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