Shah Rukh Khan films : शाहरुख खान ने क्यों नहीं किया कभी राम गोपाल वर्मा संग काम? फिल्ममेकर का बड़ा खुलासा
Shah Rukh Khan films : बॉलीवुड के बादशाह Shah Rukh Khan और कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों के मास्टरमाइंड राम गोपाल वर्मा—दोनों ने अपने-अपने क्षेत्र में एक अलग मुकाम हासिल किया है। एक ओर Shah Rukh Khan अपनी रोमांटिक इमेज, करिश्माई स्क्रीन प्रेजेंस और सुपरस्टारडम के लिए जाने जाते हैं, वहीं दूसरी ओर राम गोपाल वर्मा ने इंडस्ट्री को “सरकार”, “सत्या”, “रंगीला” और “कंपनी” जैसी क्लासिक फिल्में दी हैं।
लेकिन कभी आपने सोचा है कि फिल्म इंडस्ट्री में इतने लंबे समय तक काम करने के बावजूद ये दोनों दिग्गज कभी एक साथ किसी फिल्म में नज़र क्यों नहीं आए? ये सवाल वर्षों से फैंस के मन में था और आखिरकार राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में इसका जवाब एक इंटरव्यू में दिया। उन्होंने साफ बताया कि क्यों वे और Shah Rukh Khan कभी एक ही फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाए।
Sharukh और Ramgopal Verma दो अलग Personality

शाहरुख खान की फिल्मों का अंदाज़ पूरी तरह से अलग है। उनकी फिल्में बड़े पैमाने की, भावनाओं से भरी और दर्शकों के लिए एंटरटेनमेंट पैकेज होती हैं।वहीं राम गोपाल वर्मा की फिल्मों में रियलिज़्म, डार्क टोन और दमदार किरदारों की गहराई होती है। फिल्मों की इस सोच और वातावरण में जबरदस्त अंतर है,और शायद यही सबसे बड़ी वजह है कि ये दोनों कभी एक साथ नहीं आए। राम गोपाल वर्मा ने अपने इंटरव्यू में बताया कि उन्हें लगता है कि शाहरुख खानकी ऊर्जा और उनके काम करने का तरीका उनके फिल्म-निर्माण की प्रक्रिया से मेल नहीं खाता। उन्होंने खुलकर कहा कि वे और SRK दो विपरीत ध्रुव की तरह हैं।
फिल्ममेकर का खुलासा सीन समझाओ तो SRK की अलग ही स्टाइल

इंटरव्यू में रामू ने बताया कि शाहरुख खान बेहद क्रिएटिव एक्टर हैं। वे हर सीन में अपना इनपुट जोड़ना पसंद करते हैं और शूटिंग से पहले सीन के इमोशन्स, मूवमेंट और डिटेल पर गहराई से चर्चा करते हैं। लेकिन राम गोपाल वर्मा का तरीका इससे बिल्कुल उलट है। उनका कहना है कि वे ज्यादातर सीन आखिरी मिनट में तय करते हैं और मौके पर ही फील के हिसाब से बदलते रहते हैं।
फिल्ममेकर ने हंसते हुए कहा, “अगर आप शाहरुख को एक सीन समझाने बैठो तो वे इतनी चीजें पूछने लगेंगे कि सीन का फ्लो ही बदल जाएगा। वे जिस तरह किरदार में डूब जाते हैं, वो अद्भुत है, लेकिन मेरा तरीका उससे बिल्कुल अलग है। शायद मैं उनके साथ काम ही नहीं कर पाऊँगा।”रामू ने यह भी जोड़ा कि शाहरुख खान की परफॉर्मेंस ग्राफ और भावनाओं को एक्सप्रेस करने की उनकी शैली इतनी अलग है कि उनकी डायरेक्शन टेक्निक उसके साथ मैच नहीं करेगी।
SRK की तैयारी और RGV का स्पॉन्टेनियस स्टाइल कंफ्लिक्ट यहीं से शुरू

शाहरुख खान अपनी परफॉर्मेंस में डिटेलिंग पर बहुत ध्यान देते हैं। वे किरदार के बैकस्टोरी से लेकर डायलॉग की इंटोनेशन तक, हर चीज़ को बेहद गंभीरता से लेते हैं। कई बार वे सीन के पहले रिहर्सल और चर्चा में लंबा समय देते हैं ताकि हर शॉट परफेक्ट लगे। दूसरी तरफ राम गोपाल वर्मा का डायरेक्शन स्टाइल फ्री-फ्लो और इम्प्रोवाइजेशन पर आधारित है। वे सेट पर सीन को उसी वक्त डिसाइड करने में भरोसा करते हैं और किरदार को नेचुरल रखने पर ज़ोर देते हैं
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यही दोनों की सबसे बड़ी टकराहट का कारण है। रामू का कहना है कि अगर उन्होंने SRK को सीन समझाया, तो शाहरुख उसे और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे लेकिन उनका इम्प्रोवाइजेशन वाला स्टाइल इसमें फिट नहीं बैठेगा।
RGV को लगता है SRK “बहुत लार्जर-दैन-लाइफ” हैं

राम गोपाल वर्मा ने इस बातचीत में यह भी कहा कि शाहरुख खान की स्क्रीन प्रेजेंस इतनी बड़ी है कि वे किसी भी सीन को अपने अंदाज़ में ढाल देते हैं, और उनकी फिल्मों में वे किरदार केंद्र में होता है, स्टारडम नहीं। उनका कहना था कि SRK इतने लार्जर-दैन-लाइफ हैं कि उनका हर सीन “SRK सीन” बन जाता है, चाहे किरदार की डिमांड कुछ और ही क्यों न हो। वर्मा की फिल्मों में किरदार कहानी का हिस्सा होते हैं, और उनके लिए स्टारडम कहानी को overshadow कर सकता है।
शाहरुख का अपने डायरेक्टर्स के साथ जुड़ाव भी एक फैक्टर

शाहरुख खान हमेशा उन निर्देशकों के साथ ज्यादा सहज महसूस करते हैं जो उनके काम करने के तरीके को समझते हैं। जैसे आदित्य चोपड़ा, करण जौहर, फराह खान, रोहित शेट्टी या राही अनेजा। वे उन निर्देशकों के साथ कंफर्टेबल होते हैं जो एक्टर और स्टार के बीच की लाइन को समझते हैं। राम गोपाल वर्मा ने भी माना कि शाहरुख की वर्किंग स्टाइल उनकी फिल्मों की स्टाइलिंग से मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि SRK को एक ऐसा निर्देशक चाहिए जो उनकी ऊर्जा के साथ तालमेल बैठा सके।
क्या भविष्य में SRK और RGV साथ काम करेंगे?

हालाँकि राम गोपाल वर्मा ने मजाकिया अंदाज़ में कहा कि “मैं और शाहरुख कभी साथ काम नहीं कर सकते”, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि इंडस्ट्री में कभी कोई ‘नेवर’ नहीं होता। अगर भविष्य में कोई ऐसी कहानी आती है जिसमें दोनों की शैलियाँ मेल खा जाएँ, तो फैंस एक अनोखा और विस्फोटक कोलैबरेशन देखने को मिल सकता है। लेकिन अभी तक के हालात तो यही बताते हैं कि इन दोनों की फिल्मोग्राफी शायद ही कभी एक ही जगह मिले।
दो टैलेंटेड दिग्गज लेकिन अलग रास्ते

Shah Rukh Khan और राम गोपाल वर्मा दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में महारथी हैं। एक ने रोमांस, ड्रामा और ब्लॉकबस्टर फिल्मों से दुनिया जीती है, तो दूसरे ने रियलिस्टिक सिनेमा, गैंगस्टर ड्रामा और एक्सपेरिमेंटल फिल्मों से अपनी पहचान बनाई है। लेकिन उनके काम करने के तरीके में इतना अंतर है कि दोनों का एक साथ आना लगभग असंभव सा लगता है कम से कम फिलहाल के लिए।
SRK की गहराई और परफेक्ट शॉट की आदत और RGV के स्पॉन्टेनियस, रॉ और इम्प्रोवाइजेशनल स्टाइल के बीच जो गैप है, वही शायद इन्हें आज तक एक फ्रेम में नहीं ला पाया। फैंस इस जुगलबंदी को एक दिन देखने की उम्मीद ज़रूर करते हैं लेकिन वो दिन कब आएगा, यह कहना फिलहाल मुश्किल है।
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