शीला दीक्षित, विजेंदर गुप्ता ने सरकारी निधि के दुरुपयोग पर विवाद सुलझाया 

नयी दिल्ली : दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि उन्होंने और भाजपा नेता विजेंदर गुप्ता ने 2008 विधानसभा चुनाव में सरकारी निधि के कथित दुरुपयोग को लेकर उनके बीच हुए विवाद को सुलझा लिया है। अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि मामले पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति सुनील गौर ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ दीक्षित की याचिका का निस्तारण कर दिया। निचली अदालत ने दीक्षित द्वारा सरकारी निधि के कथित दुरुपयोग की गुप्ता की शिकायत पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।

निचली अदालत का 31 अगस्त 2013 का आदेश भाजपा नेता की शिकायत पर आया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि दीक्षित ने 2008 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विज्ञापन प्रचार अभियान पर 22.56 करोड़ रुपये की सरकारी निधि का दुरुपयोग किया। निचली अदालत के आदेश के खिलाफ याचिका सितंबर 2013 से उच्च न्यायालय में लंबित है।

निचली अदालत में अपनी शिकायत में गुप्ता ने दीक्षित और अन्य के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। शिकायत में कहा गया है कि 2007-08 में निधि के कथित दुरुपयोग के समय दीक्षित दिल्ली की मुख्यमंत्री और सूचना एवं प्रचार प्रभारी मंत्री भी थी। उच्च न्यायालय ने प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था क्योंकि लोकायुक्त की सिफारिश राष्ट्रपति के विचाराधीन थी।

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