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शिवसेना, कांग्रेस और NCP जल्द पेश करेंगे महाराष्ट्र में सरकार बनाने का दावा, बैठक जारी

शिवसेना, कांग्रेस और NCP जल्द पेश करेंगे महाराष्ट्र में सरकार बनाने का दावा, बैठक जारी
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार को आकार देने के लिए शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के शीर्ष नेताओं की शुक्रवार को यहां बैठक शुरू हुई। इस बैठक में एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई, संजय राउत (शिवसेना), अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, अविनाश पांडे, बालासाहेब थोराट, पृथ्वीराज चव्हाण (कांग्रेस), प्रफुल्ल पटेल, जयंत पाटिल, अजित पवार (राकांपा) हिस्सा ले रहे हैं। 

राकांपा प्रमुख शरद पवार और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे राज्य में गैर भाजपा सरकार बनाने को गति देने के मकसद से दक्षिण मुंबई के नेहरू केंद्र में विचार विमर्श में शामिल हो रहे हैं। राज्य में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। उपनगर बांद्रा से बैठक के लिए रवाना होने के दौरान खड़गे ने पत्रकारों से कहा कि बैठक के बाद यह निर्णय किया जाएगा कि सरकार बनाने का दावा कब पेश किया जाए। 

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सूत्रों ने बताया कि यह बैठक न्यूनतम साझा कार्यक्रम और नई सरकार में तीनों दलों की हिस्सेदारी को अंतिम रूप दिए जाने को लेकर हो रही है। इस बीच, कांग्रेस और राकांपा ने अपने चुनाव पूर्व सहयोगियों -पीजेंट वर्कर्स पार्टी, समाजवादी पार्टी, स्वाभिमान पक्ष और माकपा से बातचीत की। राकांपा नेता जयंत पाटिल ने कहा कि उनकी पार्टी तथा कांग्रेस के छोटे सहयोगियों ने भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने के विचार का समर्थन किया है। 

पाटिल यहां बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण भी थे। पत्रकारों से बातचीत में सपा नेता अबू आज़मी ने देश से सांप्रदायिकता को खत्म करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ अगर शिवसेना हमारा समर्थन चाहती है तो उसे अपनी कुछ नीतियों में बदलाव करना होगा हम सांप्रदायिकता को खत्म करने के लिए सरकार का गठन करेंगे।’’ 

उन्होंने कहा कि इस सरकार को दलितों, अल्पसंख्यकों, किसानों और गरीबों के प्रति न्यायपूर्ण होनी चाहिए। राज्य में भाजपा और शिवसेना ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा था और गठबंधन को बहुमत मिला था जिसमें भाजपा को 105 और शिवसेना को 56 सीटें आई थीं। राज्य में विधानसभा की 288 सीटें हैं। राकांपा और कांग्रेस ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था और उन्हें क्रमश: 54 और 44 सीटें मिली हैं। शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की सीटें 154 होती हैं जो बहुमत की 145 की संख्या से ज्यादा है। 
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