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एक्शन में CM शिवराज, बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था को सुधारने में जुटी सरकार, किसी को सराहा तो किसी को फटकारा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी मशीनरी में कसावट लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
एक्शन में CM शिवराज, बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था को सुधारने में जुटी सरकार, किसी को सराहा तो किसी को फटकारा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकारी मशीनरी में कसावट लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कलेक्टरों-कमिश्नरों से संवाद कर कई अधिकारियों की खामियां गिनाईं और उन्हें फटकार लगाई तो कई के काम की तारीफ कर उनकी पीठ थपथपाई। 
मुख्यमंत्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अफसरों से कहा कि अपने परिश्रम की पराकाष्ठा से सभी अधिकारी मध्य प्रदेश को मॉडल स्टेट बनाएं। इस दौरान उनका खराब परफॉर्मेस वाले पुलिस अधीक्षकों पर गुस्सा फूटा। गुंडों और अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने पर फटकार भी लगाई। रासुका में पीछे रहने पर दमोह एसपी को मुख्यमंत्री ने कॉन्फ्रेंस में ही फटकारा, क्योंकि अपराधियों को गिरफ्तार करने में देरी की शिकायत मिली थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सिस्टम सुधारें, ऐसे काम नहीं चलेगा। दमोह की रैंकिंग प्रदेश में सबसे पीछे 52वें नंबर पर है। नीमच के एसपी से भी कहा गया कि तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई धीमी क्यों है, आप क्या कर रहे हैं जिले में, सिस्टम स्लो क्यों है? वहीं दूसरी ओर अनूपपुर एसपी की प्रशंसा करते हुए कहा कि सूदखोरों के खिलाफ अच्छी कार्रवाई की गई। जिले में सूदखोरों की कमर तोड़ी गई, जो एक सराहनीय काम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े मामलों की मॉनिटरिंग कलेक्टर खुद करे। 'सुराज' का मतलब है कार्य गुणवत्तापूर्ण हों। जहां तक करप्शन की बात है, हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। भ्रष्टाचार करने वालों को हम किसी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने अफसरों से कहा कि आगामी 27 सितंबर को प्रदेश में वैक्सीनेशन महाअभियान संचालित होगा। सभी कलेक्टर अपनी जिला टीम के साथ वैक्सीनेशन महाभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय हों। 
प्रदेश में अच्छा वैक्सीनेशन हुआ है और हम देश के अग्रणी प्रांत के रूप में जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा करने में सफल हुए हैं। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश में वर्ष 2021 में चार करोड़ 13 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। अभी तक करीब 4 करोड़ पौधे रोपित किए जा चुके हैं। अंकुर कार्यक्रम में जन-भागीदारी से करीब चार लाख पौधे रोपे गए हैं। पौधों की देख-रेख का संकल्प भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक है, जब पौधों की समुचित हिफाजत भी हो। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी प्रतिदिन पौधा लगाते हैं। प्रत्येक परिवार दिवंगत परिजन की स्मृति में और जन्म वर्षगांठ के अवसर पर पौधा लगाने का कार्य करें। पौधरोपण को सामुदायिक स्वरूप दिया जाए। प्रदेश में मनरेगा में इस वर्ष 44 लाख पौधे रोपे गए हैं। इससे पौने दो सौ करोड़ की मजदूरी भी श्रमिकों को दी जा चुकी है। धार, छतरपुर, खरगोन, मंदसौर और खंडवा पौधे रोपने में सबसे आगे हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में कुछ विशेष उत्पादन होते हैं। किसी जिले में काष्ठ शिल्पियों द्वारा, किसे जिले में बुनकरों द्वारा, तो किसी जिले में कृषि और खाद्य प्र-संस्करण से जुड़े कार्य बड़े पैमाने पर होते हैं। इन कार्यो से संबंधित व्यक्तियों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक परिवर्तन लाने की व्यापक संभावनाएं हैं। 
मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि आगामी एक नवंबर म.प्र. स्थापना दिवस पर 'एक जिला-एक उत्पाद' योजना में प्रत्येक जिला अपनी उपलब्धि का प्रदर्शन करे। नए प्रकल्पों के क्रियान्वयन का शुभारंभ हो। साथ ही जिले के प्रमुख उत्पाद के अलावा अन्य उत्पादों को बढ़ावा देने का कार्य भी हो।
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