BCCI अध्यक्ष बनने पर सौरव गांगुली ने कहा- सबसे पहले ये काम करूंगा

भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को 23 अक्टूबर से लोकतांत्रिक तरीके से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में अध्यक्ष का पद संभालते हुए नजर आएंगे। खबरों की मानें तो कोर्ट की तरफ से जो नियुक्ट बोर्ड बनी थी उसके तीन साल पूरे हो रहे हैं। 


इसके बाद एक बार फिर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की तरफ बोर्ड लौट रहा है। इस पद पर गांगुली की अवधि थोड़ी देर के लिए ही होगी। नए नियमों के अनुसार जुलाई 2020 तक ही गांगुली की ये नियुक्ति होगी। बता दें कि पिछले पांच साल से बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन में गांगुली कई पद संभाल रहे हैं। 


बंगाल क्रिकेट एसोसिएशसन में सौरव गांगुली अध्यक्ष के साथ प्रशासक का भी पद संभाल रहे हैं। नए नियमों के अनुसार एक बार में कोई भी व्यक्ति सिर्फ छह सालों तक ही पद पर रह सकता है। 

ध्यान देंगे रणजी ट्रॉफी पर

पूर्व खिलाड़ी सौरव गांगुली का नाम बीसीसीआई की राज्य इकाइयों की अनौपचारिक बैठक में बोर्ड अध्यक्ष के पद के लिए फाइनल हो गया। इस बैठक के बाद सौरव गांगुली ने कहा कि, अगर नियम ऐसे हैं तो हम सबको इनके हिसाब से ही चलना चाहिए। फर्स्ट क्लास क्रिकेटर्स को मेरी प्राथमिकता देखने की है। सीडीए से मैंने आग्रह भी किया था लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनीं। मेरा फोकस रणजी ट्रॉफी पर रहेगा। क्रिकेटर्स के आर्थिक हितों को देखना होगा। 


बता दें कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सौरव गांगुली 2000 में बने थे और उस समय टीम की हालत बहुत खराब थी। गांगुली से पहले भारतीय क्रिकेट मैच फिक्सिंग स्कैंडल में फंस गया था। भारतीय टीम की कमान संभालेंगे के बाद सौरव गांगुली ने अपनी आक्रामक कप्तानी से खिलाड़ियों के मनोबल को तो बढ़ाया ही साथ ही उन्‍होंने पूरे देश में यह विश्वास भी दिलाया कि विदेश में जाकर भी भारतीय टीम मैच जीत सकती है। 


बीसीसीआई का अध्यक्ष पद गांगुली संभालते हैं तो आईसीसी में उनकी बोर्ड रूम रणनीतियों पर सबकी नजरें होंगी। गांगुली अपनी इस नई पारी में कैसा प्रदर्शन करेंगे इस पर पूरे देश के साथ-साथ दूसरे देश के बोर्डों की भी नजरें होंगी। 

बीसीसीआई मुश्किल में, मेरे पास मौका

सौरव गांगुली ने कहा कि, मैं नियुक्ति से खुश हूं क्योंकि ये ऐसा समय है जब बीसीसीआई की छवि पर बाधा आई है। कुछ करने के लिए ये मुझे बड़ा अवसर मिला है। आप चाहें निर्विरोध चुने जाएं या दूसरे तरीके से, ये बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि ये क्रिकेट की दुनिया का सबसे बड़ा बोर्ड है। भार पावर हाउस है। ये चुनौती होगी। 
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