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SP-BSP का नहीं है विकास का कोई एजेंडा, आजमगढ़ को बना दिया था 'आतंक का गढ़' : CM योगी

सीएम योगी ने इस दौरान राज्‍य की मुख्‍य विपक्षी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आजमगढ़ को सपा की सरकार ने 'आतंक का गढ़' बना दिया था।
SP-BSP का नहीं है विकास का कोई एजेंडा, आजमगढ़ को बना दिया था 'आतंक का गढ़' : CM योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने आज आजमगढ़ में लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए प्रचार किया। सीएम योगी ने इस दौरान राज्‍य की मुख्‍य विपक्षी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आजमगढ़ को सपा की सरकार ने 'आतंक का गढ़' बना दिया था लेकिन भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार ने इसे विकास से जोड़ने का कार्य किया है। बता दें कि, योगी भाजपा उम्मीदवार दिनेश लाल यादव निरहुआ के समर्थन के लिए आजमगढ़ के चक्रपानपुर गए थे। योगी ने सपा और बसपा पर आरोप लगाया कि 'उत्तर प्रदेश के विकास के सपा और बसपा राहु और केतु हैं, ये विकास के क्रूर ग्रह हैं, इनसे आप जितनी दूरी बनाएंगे, विकास उतना ही नजदीक आएगा।'
आजमगढ़ में जिसे आप चुनते थे वह विकास तो नहीं करा पाये : सीएम योगी
भाजपा सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि आजमगढ़ में जिसे आप चुनते थे वह विकास तो नहीं करा पाये, उन्होंने आपके सामने पहचान का संकट जरूर खड़ा कर दिया और फिर जब सहारा देने की आवश्यकता थी तो फिर आजमगढ़ को मझधार में छोड़कर वह गायब हो गए । उन्होंने कहा, हम मानते थे कि अखिलेश जी विधायक बन गये हैं, तब भी आजमगढ़ को नहीं छोड़ेंगे क्‍योंकि आजमगढ़ ने संकट के समय में उनका साथ दिया है। यद्यपि यहां के कार्यकर्ता संशय में थे कि वह धोखा जरूर देंगे। उन्होंने आरोप लगाया, कोरोना काल में अखिलेश यादव सांसद रहते हुए भी यहां हाल चाल लेने नहीं आए लेकिन कोरोना काल में मैं यहां तीन बार आया था।
23 जून को होना है चुनाव
गौरतलब है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मैनपुरी के करहल से जीतने के बाद आजमगढ़ संसदीय सीट से इस्तीफा दे दिया था। अखिलेश यादव के इस्तीफे से रिक्त हुई आजमगढ़ संसदीय सीट पर 23 जून को मतदान होगा। यहां सपा प्रमुख के चचेरे भाई पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव को समाजवादी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। इसके पहले 2014 में आजमगढ़ संसदीय सीट से सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव चुनाव जीते थे। योगी ने सपा पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि सपा ने पहले एक दलित नौजवान को टिकट देने का वादा किया और फिर सैफई परिवार में टिकट चला गया। उन्होंने कहा कि बहन जी (मायावती) ने जिन्‍हें अपना प्रत्याशी (शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली) बनाया है, सपा उन्हें भी धोखा दे चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि, वह (शाह आलम) सपा में गये थे लेकिन सपा ने टिकट से वंचित कर बेरोजगार कर दिया था क्योंकि सपा की प्रवृत्ति ही धोखा देने की है।

डबल इंजन की सरकार ने सभी बाधाओं को दूर किया
वरिष्ठ भाजपा नेता ने बिना नाम लिए कहा कि आपने दो-दो पूर्व मुख्‍यमंत्रियों (अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव) को सांसद बनाया था लेकिन उन लोगों ने आजमगढ़ के विकास में रुचि नहीं ली। योगी ने आरोप लगाया कि, उनके लिए आजमगढ़ और उत्‍तर प्रदेश का विकास मायने नहीं रखता था, उनके लिए स्‍वयं का और अपने परिवार का विकास मायने रखता था। मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदेश की जनता ने चार बार बसपा और तीन बार सपा को सत्ता में आने का अवसर दिया लेकिन सपा और बसपा ने उसे धोखा दिया है। इन लोगों का विकास का कोई एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने सभी बाधाओं को दूर किया और जब लगा कि ज्यादा जकड़न है तो उस जकड़न को दूर करने के लिए बुलडोजर का भी सहारा लिया है।
आजमगढ़ का नौजवानों को होटल नहीं मिलता था, किराये पर कमरा नहीं मिलता था
भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाते हुए योगी ने कहा कि आजमगढ़ की धरती एक बार फ‍िर से आजमगढ़ वासियों को एक अवसर दे रही है और वह अवसर है इस उप चुनाव के माध्यम से आजमगढ़ को कहां लेकर जाना है। उन्होंने गैर भाजपा सरकारों खासतौर से सपा और बसपा पर तंज कसते हुए कहा कि आजमगढ़ के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया, विकास ही नहीं हुआ। योगी ने कहा कि याद करिए समाजवादी पार्टी की सरकार के समय आजमगढ़ का नौजवान जब देश के अंदर कहीं जाता था तो होटल में उसे कमरा नहीं मिलता था, धर्मशाला में टिकने नहीं देते थे, किराये पर कमरे नहीं मिलते थे।
सीएम ने की गोरखपुर के विकास कार्यों की चर्चा
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) और अपने गृह जिले गोरखपुर के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए अपील की कि निरहुआ को सांसद बनवा दीजिए। आजमगढ़ के विकास में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वांचल एक्‍सप्रेस की आधारशिला जुलाई 2018 में रखी और कोरोना काल के बावजूद नवंबर 2021 में उन्होंने इसका लोकार्पण किया और अब आजमगढ़ के लोग दो घंटे में लखनऊ जा सकते हैं।


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