England Tour पर वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी कमजोरी आई सामने, जानें कहां करना होगा 'बेबी बॉस' को सुधार?
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज में टीम इंडिया का प्रदर्शन अब तक बेहद निराशाजनक रहा है। लगातार चार मुकाबले हारने के बाद इंडियन टीम सीरीज पहले ही गंवा चुकी है और फिलहाल 3-0 से पीछे चल रही है। हालांकि इस सीरीज में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर भी सभी की नजरें टिकी थीं, लेकिन अब तक वह अपनी एबिलिटी के हिसाब से बड़ी पारी नहीं खेल सके हैं।
आईपीएल के दम पर मिला था टीम इंडिया में मौका

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा था। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए इंडियन टीम में जगह मिली। महज 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल टी-20 डेब्यू कर के उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। आईपीएल में उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी को देखते हुए कई पूर्व क्रिकेटरों और फैंस ने उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल करने की मांग की थी।
अच्छी शुरुआत, लेकिन बड़ी पारी का इंतजार

वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया, लेकिन वह ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। फिर तीसरे मैच में उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया और कुछ आकर्षक छक्के लगाए। हालांकि, एक बार फिर वह अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदलने में नाकाम रहे।
Vaibhav Sooryavanshi On England Tour: जोफ्रा आर्चर की रफ्तार ने खोली कमजोरी

नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टी-20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआती ओवरों में लगातार दो शानदार छक्के जड़कर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। लेकिन तीसरे ओवर में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने लगभग 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से शॉर्ट पिच गेंद फेंकी, जिस पर युवा बल्लेबाज कम्फर्टेबल नज़र नहीं आए। वैभव ने हुक शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन एक्स्ट्रा पेस और उछाल को सही तरीके से नहीं पढ़ सके। जिसका नतीजा ये हुआ कि गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर के हाथों में चली गई और उनकी पारी वहीं खत्म हो गई।
आगे बढ़ने के लिए करना होगा सुधार

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी छोटी-छोटी पारियों में यह जरूर दिखाया है कि उनमें बड़े लेवल पर खेलने की काबिलियत है, लेकिन तेज रफ्तार और एक्स्ट्रा पेस वाली गेंदों के खिलाफ उन्हें अभी काफी मेहनत करनी होगी। अगर वह इस कमजोरी पर जल्द काम कर लेते हैं, तो आने वाले समय में वो इंडियन टीम के लिए एक अहम बल्लेबाज साबित हो सकते हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट में लगातार सक्सेस हासिल करने के लिए तकनीक और एक्सपीरिएंस दोनों को मजबूत बनाना उनके लिए बेहद जरूरी होगा।

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