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जहरीली शराब कांड : सुनील जाखड़ ने प्रताप बाजवा तथा शमशेर सिंह दूलो के खिलाफ की कार्रवाई की मांग

सुनील जाखड़ ने कहा कि ये सांसद जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। ये समय अपनी ही सरकार पर प्रहार करने का नहीं है।
जहरीली शराब कांड : सुनील जाखड़ ने प्रताप बाजवा तथा शमशेर सिंह दूलो के खिलाफ की कार्रवाई की मांग
पंजाब में जहरीली शराब मामले में कांग्रेस के दो राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा तथा शमशेर सिंह दूलो ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों सांसद इस मामले को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल खड़े किए है। उनकी इस बयानबाज़ी पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पार्टी आलाकमान से कार्रवाई करने की मांग की है।
सुनील जाखड़ ने मंगलवार जारी एक बयान में कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर इन दोनों सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने जहरीली शराब पीकर मरने वालों के परिजनों के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि ऐसी घटना किसी को अनुशासनहीनता में संलिप्त होने का लाइसेंस नहीं देती।
उन्होंने कहा कि ये सांसद जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। ये समय अपनी ही सरकार पर प्रहार करने का नहीं है। जब सरकार पर चौतरफा हमले हो रहे हों तो उसे स्वार्थी नेताओं से बचाने की जरूरत होती है। ये दोनों अपनी आकांक्षाओं तथा स्वार्थों के लिए शराबकांड को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूलो तथा बाजवा को अब ज्यादा बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सुनील जाखड़ ने कहा कि ऐसे नेताओं में चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं है। ये पार्टी पर भार बने हुये हैं जिन्हें पार्टी को बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिये क्योंकि ये पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं जो ये कर रहे हैं। बहुत हो गया अब वह श्रीमती गांधी से इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इन दोनों सांसदों ने कल शराबकांड को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने कहा कि वे शराब माफिया के खिलाफ मुख्यमंत्री को पहले ही कुछ करने को लिख चुके हैं। यदि उनकी बातों को गंभीरता से लिया गया होता तो शराब पीकर मरने वाले 111 लोगों की जान बच जाती। वे इस मामले को संसद में उठायेंगे। दोनों सांसदों ने शराबकांड मामले में सीबीआई जांच तथा प्रर्वतन विभाग से जांच की मांग तक कर डाली।
जाखड़ ने कहा कि दूलो तथा बाजवा पिछले कुछ समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं और अपनी ही पार्टी को निशाना बना रहे हैं। ये हमले मुख्यमंत्री के आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद तेज हो गए।
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