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वायरस से निपटने के लिए सुरक्षात्मक सामग्रियों की ‘आपूर्ति तेजी से घट रही है’ : डब्ल्यूएचओ

कोरोना वायरस के केवल एक प्रतिशत मामले ऐसे हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं पाए गए जबकि अधिकतर मामले ऐसे हैं जिनमें दो दिन बाद लक्षण दिखाई दिए।
वायरस से निपटने के लिए सुरक्षात्मक सामग्रियों की ‘आपूर्ति तेजी से घट रही है’ : डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मंगलवार को आगाह किया कि कोरोना वायरस ने निपटने में लगे स्वास्थ्यकर्मियों के पास मास्क और गॉगल्स जैसी सुरक्षात्मक वस्तुओं की घोर कमी हो रही है। साथ ही डब्ल्यूएचओ ने इनकी जमाखोरी और दुरुपयोग की चेतावनी भी दी है।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख तेद्रोस अदहानोम घेब्रेयेसस ने यहां संवाददताओं से कहा,‘‘ बढ़ती मांग के कारण व्यक्तिगत रक्षात्मक वस्तुओं की आपूर्ति वैश्विक स्तर पर बाधित होने और इससे निपटने में देशों की क्षमताओं के कम होने से हम चिंतित हैं...।’’
उन्होंने कहा कि सर्जिकल मास्क के दामों में छह गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई तो जीवन रक्षक प्रणाली के दाम तीन गुना हो गए हैं।
तेद्रोस ने कहा कि संगठन ने 27 देशों में पांच लाख से ज्यादा व्यक्तिगत सुरक्षात्मक सामग्री भेजी है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि ‘‘इनकी आपूर्ति तेजी से घट रही है।’’ संगठन ने कहा कि चीन में दर्ज कोरोना वायरस के केवल एक प्रतिशत मामले ऐसे हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं पाए गए जबकि अधिकतर मामले ऐसे हैं जिनमें दो दिन बाद लक्षण दिखाई दिए।
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