+

तरंगा-आबू रोड रेल लाइन की योजना 1930 में बनाई गई थी लेकिन दशकों तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही : PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि तरंगा-अंबाजी-आबू रोड रेल लाइन की कल्पना लगभग 100 साल पहले ब्रिटिश शासन के दौरान की गई थी और यह परियोजना महत्वपूर्ण थी लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी।
तरंगा-आबू रोड रेल लाइन की योजना 1930 में बनाई गई थी लेकिन दशकों तक ठंडे बस्ते में पड़ी रही : PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि तरंगा-अंबाजी-आबू रोड रेल लाइन की कल्पना लगभग 100 साल पहले ब्रिटिश शासन के दौरान की गई थी और यह परियोजना महत्वपूर्ण थी लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी।
मोदी ने कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में गुजरात सरकार द्वारा इसके लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के बावजूद संप्रग सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी।
प्रधानमंत्री ने 2,798 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होने वाली ब्रॉड गेज रेलवे लाइन परियोजना की आधारशिला रखने के बाद बनासकांठा जिले के अंबाजी शहर में एक जनसभा में यह टिप्पणी की।
गुजरात की दो दिवसीय यात्रा पर आये मोदी ने प्रसिद्ध तीर्थ शहर अंबाजी में रैली को संबोधित करने से पहले लगभग 7,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया।
मोदी ने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा, ‘‘अंग्रेजों ने लगभग 100 साल पहले 1930 में तरंगा हिल, अंबाजी (गुजरात) और आबू रोड (अब राजस्थान में) को जोड़ने वाली रेलवे लाइन बिछाने का निर्णय लिया था। लेकिन दुर्भाग्यवश आजादी के बाद भी दशकों तक कोई फैसला नहीं लिया गया। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मैंने केंद्र को एक प्रस्ताव भेजा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया क्योंकि सरकार किसी और पार्टी की थी।’’
कांग्रेस ने 2004 से 2014 तक केंद्र में संप्रग गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हालांकि, जब 2014 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार ने केंद्र में सत्ता संभाली तो चीजें बदल गईं। उन्होंने गुजरात और केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘लेकिन अब, हमारी ‘डबल इंजन’ सरकार को इस परियोजना को देवी अंबा के चरणों में समर्पित करने का अवसर मिला है।’’
क्षेत्र में जारी विकास गतिविधियों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की तर्ज पर महेसाणा के धरोई बांध से गुजरात के बनासकांठा जिले के अंबाजी तक पूरे क्षेत्र का विकास करना चाहता हूं।’’
‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ नर्मदा जिले में एक प्रमुख पर्यटक केंद्र है।
इस मौके पर, प्रधानमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण और डॉ. बी. आर आंबेडकर आवास योजना के तहत लगभग 61,000 मकानों का उद्घाटन या आधारशिला रखी।
उन्होंने अपने संबोधन से पहले कुछ लाभार्थियों से बातचीत भी की। उन्होंने कहा, ‘‘अब तक हमारी सरकार ने लगभग तीन करोड़ मकान जरूरतमंद नागरिकों को सौंपे हैं। पिछले साल अकेले गुजरात में लगभग 1.5 लाख मकान बनकर तैयार हुए थे।’’
मोदी ने गुजरात सरकार की ‘‘गौ माता पोषण योजना’’ की भी शुरुआत की।
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई कुछ प्रमुख परियोजनाओं में डीसा वायु सेना स्टेशन पर एक रनवे और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण, पालनपुर-महेसाणा रेलवे लाइन का उद्घाटन और अंबाजी शहर में यातायात को आसान बनाने के लिए बाईपास सड़क के लिए आधारशिला रखना शामिल है।
facebook twitter instagram