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AAP पर निशाना साधते हुए बोले PM - नर्मदा विरोधी ताकतों के समर्थकों को गुजरात में पैर जमाने देने का पाप न करें

आम आदमी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि, जिन लोगों ने वर्षों तक नर्मदा बांध परियोजना का विरोध करने वाले लोगों को चुनावी टिकट दिया, उन्हें गुजरात में कदम रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
AAP पर निशाना साधते हुए बोले PM - नर्मदा विरोधी ताकतों के समर्थकों को गुजरात में पैर जमाने देने का पाप न करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम आदमी पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि, जिन लोगों ने वर्षों तक नर्मदा बांध परियोजना का विरोध करने वाले लोगों को चुनावी टिकट दिया, उन्हें गुजरात में कदम रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि, ऐसे लोगों को राज्य में पैर जमाने देना पाप करने के समान है। पाटीदारों के गढ़ माने जाने वाले सूरत शहर के मोटा वरछा इलाके में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि नर्मदा बांध परियोजना को पूरा करने के लिए उन्हें अनशन पर बैठना पड़ा था। उन्होंने कहा, सूरत के लोगों को एक बात याद रखनी चाहिए। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस परियोजना की आधारशिला रखी थी, लेकिन यह 50 वर्षों तक ठप रही। उन्होंने (कार्यकर्ताओं ने) सुनिश्चित किया कि बांध परियोजना के लिए दुनिया में कोई भी गुजरात को धन न दे। उन्होंने (आप) ऐसे लोगों को टिकट दिया है।”
हमारे राज्य में अपना पैर जमाने दें तो यह पाप करने जैसा है : मोदी 
पीएम मोदी ने कहा, “अगर हम ऐसे लोगों को हमारे राज्य में अपना पैर जमाने दें तो यह पाप करने जैसा है , क्योंकि वे तीन पीढ़ियों के भविष्य को नष्ट कर देते हैं।” वह ‘आप’ का जिक्र कर रहे थे, जिसने 2014 के लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ता मेधा पाटकर को टिकट दिया था, जिन्होंने सरदार सरोवर बांध के खिलाफ अभियान चलाया था। ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल फिलहाल सूरत में डेरा डाले हुए हैं और पार्टी को उम्मीद है कि वह शहर में कुछ सीटें जीतेगी। साल 2001 से 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे मोदी ने कहा, “इस बांध की बदौलत हम सौराष्ट्र और कच्छ के सूखे इलाकों में पानी उपलब्ध कराने में सक्षम हुए। ” उन्होंने कांग्रेस पर भी परियोजना को पूरा करने में बाधा डालने का आरोप लगाया और कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे तब बांध की ऊंचाई बढ़ाने के लिए उन्हें अनशन पर बैठना पड़ा था।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना 
मोदी ने कहा, कांग्रेस को लगता है कि देश में बुनियादी ढांचा बनाने की जरूरत नहीं है, लेकिन सूरत के लोग बुनियादी ढांचे की अहमियत जानते हैं।” उन्होंने कहा, “केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के शासन के दौरान, हमने मेट्रो रेल परियोजना और सूरत शहर के लिए एक हवाई अड्डे के लिए कहा, लेकिन वे नहीं माने। ‘डबल इंजन’ वाली सरकार आने के बाद सूरत का हवाई अड्डा सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है और मेट्रो का काम शुरू हो गया है।” उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए ‘डबल इंजन’ वाली सरकारें जरूरी हैं।

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