Apple vs OpenAI Lawsuit: OpenAI ने चुराए ट्रेड सीक्रेट? Apple ने दो कर्मचारियों समेत कंपनी पर दर्ज कराया केस
दुनिया की दो बड़ी टेक कंपनियां एपल (Apple) और ओपनएआई (OpenAI) के बीच विवाद देखने को मिल रहा है। दरअसल, एपल ने OpenAI और अपने दो पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया है। कंपनी का आरोप है कि इन लोगों ने एपल की प्राइवेट जानकारी का गलत तरीके से इस्तेमाल किया, जिससे OpenAI को कंज्यूमर हार्डवेयर के सेक्टर में आगे बढ़ने में मदद मिल सके।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसके साथ ही एपल ने आगे कहा कि यह केवल नॉर्मल जानकारी का मामला नहीं है, बल्कि कंपनी के ऐसे ट्रेड सीक्रेट्स से जुड़ा विषय है, जिनका इस्तेमाल फ्यूचर के नए प्रोडक्ट को तैयार करने में किया जा सकता है।
क्या हैं एपल के आरोप?

अपने मुकदमे में एपल ने आरोप लगाया है कि ओपनएआई ने प्लान्ड तरीके से उसकी प्राइवेट जानकारियां हासिल करने की कोशिश की। कंपनी का आरोप है कि इसके लिए एपल के पूर्व कर्मचारियों, भर्ती प्रक्रिया और सप्लायर से जुड़े संबंधों का फायदा उठाया गया। एपल का कहना है कि उसकी टेक्नॉलजी , डिजाइन और फ्यूचर की योजनाओं से जुड़ी जानकारी बेहद संवेदनशील होती है। अगर ऐसी जानकारी किसी दूसरी कंपनी तक पहुंचती है, तो इससे कंपटीशन पर सीधा असर पड़ सकता है।
बता दें, कि यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब AI के क्षेत्र में तेजी से नई टेक्नॉलजी विकसित की जा रही है। माना जा रहा है कि OpenAI केवल सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वह फ्यूचर में अपने हार्डवेयर प्रोडक्ट भी मार्किट में उतारने की तैयारी कर रही है। अगर ऐसा होता है तो AI बेस्ड नए डिवाइस स्मार्टफोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। यही वजह है कि एपल इस मामले को काफी गंभीरता से ले रहा है।
फ्यूचर के AI डिवाइस पर टिकी है नजर

इस केस ने एक नई बहस छेड़ दी है। एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे AI डिवाइस विकसित हो सकते हैं, जिन्हें चलाने के लिए ट्रेडिशनल मोबाइल ऐप या मौजूदा ऑपरेटिंग सिस्टम की जरूरत नहीं होगी। अगर ऐसे प्रोडक्ट सफल होते हैं, तो लोगों के टेक्नॉलजी इस्तेमाल करने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। इससे स्मार्टफोन मार्किट, खासकर आईफोन जैसे प्रोडक्ट्स पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं टेक इंडस्ट्री में लंबे समय से यह चर्चा चल रही है कि OpenAI किसी नए कंज्यूमर डिवाइस या AI बेस्ड फोन पर काम कर रही है। लेकिन कंपनी की ओर से इस बारे में किसी भी तरह का ऑफिसियल अपडेट सामने नहीं आया है, लेकिन कई रिपोर्टों में ऐसे संकेत नजर आए हैं। इसी वजह से एपल को शक है कि उसकी प्राइवेट तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल फ्यूचर के हार्डवेयर प्रोडक्ट तैयार करने में किया जा सकता है।
Amit Kumar
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अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।

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