PhonePe, GPay-Paytm पर अब नहीं होगा ऑटो पेमेंट का झंझट! NPCI के नए फीचर से एक जगह दिखेंगे सभी Subscription और Bill
NPCI Automatic Payments Feature: भारत में डिजिटल पेमेंट को और आसान बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) एक नया फीचर लाने की तैयारी कर रहा है। इस सुविधा के आने के बाद UPI यूजर्स अपने सभी ऑटोमैटिक पेमेंट्स की जानकारी एक ही ऐप पर देख सकेंगे। इससे लोगों को अलग-अलग ऐप्स पर जाकर सब्सक्रिप्शन और बिल पेमेंट की जानकारी खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई व्यवस्था के तहत Google Pay, PhonePe, Paytm (PhonePe GPay Paytm Update) और अन्य UPI ऐप्स पर यूजर्स यह देख सकेंगे कि उनके बैंक खाते से कौन-कौन से ऑटो पेमेंट जुड़े हुए हैं।
इसमें OTT प्लेटफॉर्म के सब्सक्रिप्शन, बिजली-पानी के बिल, इंश्योरेंस प्रीमियम, मोबाइल रिचार्ज और लोन की EMI जैसी सेवाएं शामिल होंगी। इससे यूजर्स को अपने सभी ऑटो पेमेंट्स का पूरा रिकॉर्ड एक ही जगह पर मिल जाएगा और उन्हें यह याद रखने की जरूरत नहीं होगी कि किस ऐप के जरिए कौन-सी सेवा शुरू की गई थी।
Digital Payments India: NPCI तैयार कर रहा है नया सिस्टम

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NPCI एक ऐसा कॉमन इंटरफेस विकसित कर रहा है जिसे सभी UPI प्लेटफॉर्म इस्तेमाल कर सकेंगे। इस सिस्टम की मदद से हर UPI ऐप पर ऑटो पेमेंट्स की पूरी सूची दिखाई देगी।
हालांकि, यदि कोई ग्राहक किसी ऑटो पेमेंट को बंद करना चाहता है या उसमें बदलाव करना चाहता है, तो उसे उसी ऐप पर जाना होगा जहां से उसने पहली बार वह ऑटो पेमेंट शुरू किया था।
UPI Automatic Payments: पेमेंट मैनेज करना होगा आसान

अभी कई बार लोग अलग-अलग UPI ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं और बाद में यह भूल जाते हैं कि किस ऐप से कौन-सा सब्सक्रिप्शन या बिल पेमेंट एक्टिव किया गया था। नए फीचर के बाद यह परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
यूजर्स एक ही प्लेटफॉर्म पर अपने सभी एक्टिव मैंडेट (AutoPay) देख सकेंगे, जिससे खर्चों पर नजर रखना और अनचाहे सब्सक्रिप्शन की पहचान करना आसान होगा।
UPI AutoPay Management: तेजी से बढ़ रहा है UPI AutoPay
- NPCI के आंकड़ों के अनुसार, UPI AutoPay का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
- मई 2026 में देश के प्रमुख बैंकों ने करीब 1.6 अरब ई-मैंडेट ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए।
- एक साल पहले यह संख्या लगभग 57.7 करोड़ थी।
- इससे साफ है कि लोग अब नियमित भुगतान के लिए AutoPay फीचर पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एयरटेल पेमेंट्स बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े बैंक इस सेवा में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
कई ट्रांजैक्शन हो जाते हैं फेल
- UPI AutoPay की लोकप्रियता बढ़ने के बावजूद कई ट्रांजैक्शन असफल भी हो जाते हैं।
- इसका सबसे बड़ा कारण खाते में पर्याप्त बैलेंस का न होना है।
- डेटा के मुताबिक, कुछ बैंकों में बड़ी संख्या में AutoPay ट्रांजैक्शन रिजेक्ट हो जाते हैं।
- NPCI इस समस्या को कम करने और सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार सुधार कर रहा है।
पहले भी शुरू किया गया था हेल्प पोर्टल
ग्राहकों की मदद के लिए NPCI ने पिछले वर्ष एक विशेष हेल्प पोर्टल लॉन्च किया था। इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स ई-मैंडेट और AutoPay से जुड़े सवालों के जवाब प्राप्त कर सकते हैं।
अब नया फीचर आने के बाद AutoPay सेवाओं को देखना और मैनेज करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इससे UPI यूजर्स को बेहतर अनुभव मिलेगा और डिजिटल भुगतान व्यवस्था और मजबूत होगी।
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